'एक अफसर, एक आवास नीति' को हरियाणा में लागू करने के गृहमंत्री अनिल विज ने दिए थे आदेश
Haryana News: हरियाणा सरकार अब दो सरकारी आवास रखने वाले आईपीएस अधिकारियों पर सख्त रवैया अपनाने वाली है। सरकार की तरफ से आईपीएस अधिकारियों को मिले अतिरिक्त आवासों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एडीजीपी श्रीकांज जाधव को करनाल में अलॉट सरकारी आवास वापस ले लिया गया है।
बता दें कि श्रीकांज जाधव के पास हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का अतिरिक्त चार्ज है उन्हें 2 सरकारी आवास अलॉट किए गए थे। जानकारी के अनुसार, श्रीकांज जाधव ने बीती 7 मार्च को ही नार्कोटिक्स विभाग का चार्ज छोड़ दिया था। इस वजह से उन्हें सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया गया है।

डीजीपी पीके अग्रवाल के अनुसार जुलाई महीने में हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक को एक पत्र लिखा गया था। दरअसल, हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज की तरफ से भी एक अफसर एक आवास नीति को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए थे। 9 अगस्त को सरकारी आवास का अलॉटमेंट निरस्त करने के आदेश जारी हुए थे।
डीजीपी को लिखी थी चिट्ठी
श्रीकांज जाधव फिलहाल हिसार रेंज के एडीजीपी भी है। वहां भी उन्हें एक सरकारी आवास मिला हुआ है। श्रीकांज जाधव की तरफ से डीजीपी पीके अग्रवाल को चिट्ठी लिखकर करनाल के घर को रखने की मंजूरी देने की बात कही थी, उनकी तरफ से बताया गया था कि उनका निजी सामान और फर्नीचर वहां है, इस वजह से करनाल का आवास उन्हें रिटेन करने की मंजूरी दी जाए।
उनकी तरफ से यह भी बताया गया था कि हिसार आवास में ज्यादा स्पेस नहीं होने की वजह से वो अपना निजी सामान नहीं रख सकते है। श्रीकांत जाधव की तरफ से यह भी बताया गया कि वो 30 अप्रैल 2024 को रिटायर होने वाले है। उनका निजी आवास अभी निर्माणाधीन है। ऐसे में जिन अफसरों के रिटायरमेंट के लिए एक साल से भी कम का वक्त बचा है उन कुछ रियायत दी जाए।












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