ओडिशा: शिक्षा मंत्रालय के आदेश को धता बताकर विश्वविद्यालय जमकर दे रहे कॉलेजों को संबद्धता
विश्वविद्यालयों को कॉलेजों की संबद्धता सीमित करने के शिक्षा मंत्रालय के आदेश का ओडिशा में जमकर उल्लंघन हो रहा है। राज्य भर में कॉलेजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और विश्वविद्यालय शिक्षा मंत्रालय के आदेश के विपरीत इन कॉलजों को समायोजित करने के लिए अपने क्षेत्रों का विस्तार करते जा रहे हैं। इस बात का खुलासा उच्च शिक्षा विभाग के ऑडिट में हुआ है।

जबकि राष्ट्रीय उच्च स्तरीय शिक्षा अभियान (आरयूएसए 2.0) के दूसरे चरण में स्पष्ठ किया गया है कि किसी भी विश्वविद्यालय से संबद्ध होने वाले कॉलेजों की संख्या अब 100 तक सीमित होनी चाहिए। वहीं इसके विपरीत ओडिशा में विश्वविद्यालय हर शैक्षणिक वर्ष के साथ बड़े होते जा रहे हैं।
महालेखाकार (ऑडिट-एल) द्वारा सितंबर महीने में किए गए उच्च शिक्षा विभाग के ऑडिट में राज्य संचालित विश्वविद्यालयों द्वारा आरयूएसए के तहत संबद्धता में सुधार नहीं होने का खुलासा किया गया। ऑडिट में ये भी खुलासा हुआ कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कॉलेज संबद्धता पर अभी तक कोई विशिष्ट नीति नहीं बनाई गई है।
ऑडिट के समय उत्कल विश्वविद्यालय के दस्तावेज की जांच की गई जिसमें खुलासा हुआ कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संबद्ध कॉलेजों की कुल संख्या में 2017 से लेकर 2023 से कमी के बजाय वृद्धि हुई। ऑडिट के अनुसार, मार्च 2023 तक 447 सामान्य और प्रोफेशलन कालेज उत्कल विश्वविद्यालय से संबद्ध थे, जो कि निर्धारित लक्ष्य का चार गुना था।
इतना ही नहीं पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा केवल पांच स्थायी रूप से संबद्ध कॉलेजों का निरीक्षण किया गया इस अवधि के दौरान किसी भी कॉलेज की मान्यता रद्द नहीं की गई।
ऑडिट के समय ये भी खुलासा हुआ कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कॉलेज संबंद्धता पर अभी तक कोई विशिष्ठ नीति नहीं बनाई गई है। ऑडिट टीम ने बार-बार याद दिलाया इसके बावजूद विभाग कथित तौर पर चालू शैक्षणिक सत्र तक विवि संबंद्ध कॉलेजों की संख्या और संबद्धता पर वर्ष-वार जानकारी पर कोई डेटा उपलब्ध नहीं करवा सका।
ऑडिट में कहा गया बड़ी संख्या में कॉलेजों की संबंद्धता के कारण विश्वविद्यालयों पर काम का अतिरिक्त बोझ डाला गया हैं जिससे शिक्षा, रिसर्च और शैक्षिणिक अनुसंधानी की गुणवत्ता पर खराब प्रभाव पड़ रहा है।












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