ओडिशा ने 2021 में सरेंडर किए 5.27 लाख प्रधान मंत्री आवास योजना-ग्रामीण, सीएजी रिपोर्ट में हुआ खुलासा
केंन्द्र सरकार द्वारा संचालित प्रधान मंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) को लेकर ओडिशा में बड़ा खुलासा हुआ है। महालेखा परीक्षक (cag) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ओडिशा सरकार ने प्रधान मंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के 5.27 लाख मकान सरेंडर कर दिए हैं।

पंचायती राज विभाग ने कहा कि चूंकि बड़ी संख्या में आवेदन शामिल करने के लिए प्राप्त हुए थे, इसलिए वह मंत्रालय द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंदर आवेदनों का सत्यापन पूरा नहीं कर सका जिसके बाद पीएमएवाई-जी योजना के तहत आवंटित घरों को वापस लेने का अनुरोध किया है।
वहीं दूसरी ओर ओडिशा सरकार प्रधान मंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत आवास सहायता के लिए आवासपोर्टल में लगभग सात लाख परिवारों को शामिल करने के लिए एक स्पेशल विंडो की गुजारिश कर रही है।
बीते मंगलवार को विधानसभा में मार्च 2021 के वित्तीय वर्ष के लिए पता चला कि ओडिशा मेंराज संस्थानों (पीआरआई) पर सीएजी रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ कि ओडिशा सरकान मई 2021 में ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) से 2019 के दौरान आवंटित 5.27 लाख घरों को वापस करने का अनुरोध किया था। वहीं 2020-2021 में सूची (पीडब्ल्यूएल) में विभिन्न श्रेणियों में परिवारों की अनुपलब्धता के कारण घर वापस लेने का अनुरोध किया गया था।
गौरतलब है कि हर साल एमओआरडी की समिति राज्य सरकार के परामर्श के आधार पर अगले वर्ष के लिए घरों के निर्माण का लक्ष्य तय करती है। मंत्रालय ने मार्च 2021 तक 24.23 लाख का संचयी लक्ष्य आवंटित किया था लेकिन अपनी रिपोर्ट में ओडिशा के पंचायती राज विभाग ने कहा था कि चूंकि बड़ी संख्या में आवेदन मिले थे, समय पर सत्यापन नहीं हो पाने के कारण 5.27 लाख घरों को आत्मसमर्पण करना पड़ा।












Click it and Unblock the Notifications