खनिज एवं धातु उद्योग सम्मेलन में ओडिशा ने रखा अपना विजन, निवेश करने के लिए की अपील
नई दिल्ली, अगस्त 24। भारतीय खनिज एवं धातु उद्योग 2030 की ओर गमन तथा विजन 2047 के उद्देश्य पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन राजधानी दिल्ली में स्थित होटल ताज पैलेस में किया जा रहा है। इस सम्मेलन का आयोजन NMDC लिमिटेड, इस्पात मंत्रालय, खान मंत्रालय और फिक्की द्वारा किया जा रहा है।

यह सम्मेलन आजादी के अमृत महोत्सव को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया था। सम्मेलन का उद्घाटन कोयला और खान मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुमित देब, सीएमडी, एनएमडीसी लिमिटेड और संजीव मेहता, अध्यक्ष फिक्की और सीएमडी, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड की विशिष्ट उपस्थिति में हुआ।
यह सम्मेलन भारत में खनिजों और धातु क्षेत्र के भविष्य पर चर्चा के आसपास आधारित है, जिसमें नए युग के खनिजों, डिजिटलीकरण और स्वचालन, मांग-आपूर्ति व्यापार गतिशील और तकनीकी प्रगति पर प्रकाश डाला गया है। उद्योग के दिग्गजों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भाग लेने के कारण, सम्मेलन का मूल उद्देश्य खनिज और धातु क्षेत्र की रणनीति और विकास चालकों पर चर्चा करना है। उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव हेमंत शर्मा ने सम्मेलन के पहले तकनीकी सत्र के दौरान विशेष राज्य भाषण दिया।
ओडिशा का प्रतिनिधित्व करते हुए, शर्मा ने "ओडिशा के खनिज और धातु लाभ" के बारे में बात की, जिसमें राज्य की स्थिर सरकार, प्रगतिशील नीतियों, प्राकृतिक लाभ, उद्योग के नेतृत्व वाले बुनियादी ढांचे के विकास, औद्योगिक भूमि की उपलब्धता, बंदरगाह के नेतृत्व वाले विकास मॉडल और अत्यधिक कुशल मानव संसाधनों पर जोर दिया गया।












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