ओडिशा: लगातार बढ़ रही है सुंदरगढ़ के आदिवासी किसानों की फूलगोभी की मांग
नवीन पटनायक सरकार के 'मिशन जीविका' कार्यक्रम के तहत की जा रही है। साथ ही एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी (आईटीडीए) सुंदरगढ़ किसानों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

ओडिशा में आदिवासी किसानों की आजीविका को बढ़ाने के लिए सुंदरगढ़ जिले में विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इनमें फूलगोभी की खेती को प्रमुखता दी जा रही है। जैविक तरीकों से फूलगोभी की खेती करने वाले आदिवासी किसानों के कारण स्थानीय बाजार में फूलगोभी की लोकप्रिय मांग है। किसान अपनी उपज बेचकर अच्छी कमाई कर रहे हैं।
फूलगोभी की खेती ओडिशा सरकार के 'मिशन जीविका' कार्यक्रम के तहत की जा रही है। साथ ही एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी (आईटीडीए) सुंदरगढ़ किसानों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।
आईटीडीए सुंदरगढ़ के प्रोजेक्ट एडमिनिस्ट्रेटर रामकृष्ण गोंड ने जानकारी देते हुए बताया, 'क्षेत्र में आदिवासी किसानों की आजीविका बढ़ाने और उनके लिए एक स्थायी आय सुनिश्चित करने के लिए आईटीडीए सुंदरगढ़ द्वारा विभिन्न पहल और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 'मिशन जीविका' के तहत किसानों को दीर्घकालीन आजीविका प्रदान करने के उद्देश्य से कृषि और बागवानी आधारित कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाती है।'
गौरतलब है कि आईटीडीए सुंदरगढ़ संभाग के अंतर्गत आने वाले नौ प्रखंडों में से तीन प्रखंडों बालिसंकारा, हेमगीर और कुतरा में फूलगोभी की खेती की जाती है। आईटीडीए के सहयोग से वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 315 किसानों ने 250 एकड़ जमीन पर सब्जी की खेती की है। फूलगोभी को स्थानीय बाजार में बेचकर किसान अच्छा मुनाफा कमाते हैं।












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