ओडिशा: अभिव्यक्ति की आजादी पर कांग्रेस का दोहरा रवैया, सार्वजनिक बयान देने पर दो नेता सस्पेंड
ओडिशा में कांग्रेस पार्टी का दोहरा रवैया सामने आया है। यहां दो दिग्गज नेताओं- एक विधायक और एक पूर्व विधायक को पार्टी के खिलाफ बयान देने पर कांग्रेस ने निलंबित कर दिया है।
दोनों नेताओं का निलंबन ऐसे समय पर हुआ है, जब कांग्रेस के ही नेता राहुल गांधी अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ गुहार लगा रहे हैं।

दरअसल हाल ही में कांग्रेस के पूर्व विधायक चिरंजीब बिस्वाल ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें कटक-बाराबती के विधायक मोहम्मद मोकिम ने अपने एक बयान में कहा कि ओडिशा में 9 विधायकों वाली कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के करीब 20 दावेदार हैं। इस बयान पर एक्शन लेते हुए कांग्रेस ने दोनों नेताओं को पार्टी से निलंबित कर दिया।
कांग्रेस आलाकमान को भेजी अपनी शिकायत में ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के इस विवादास्पद बयान ने झारसुगुड़ा उपचुनाव में पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया, जहां सीट जीतने की संभावना बहुत अधिक थी। कांग्रेस कमेटी ने कहा कि मोकिम-बिस्वाल की जोड़ी ने कांग्रेस उम्मीदवार तरुण पांडे को इतना नुकसान पहुंचाया कि उन्हें महज 4,463 वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई।
वहीं, हैरानी की बात यह है कि कांग्रेस को उस समय कुछ भी गलत नहीं लगा, जब एक अन्य वरिष्ठ विधायक तारा प्रसाद बाहिनीपति ने मीडियाकर्मियों से कहा कि जैसे ही पार्टी के आंतरिक झगड़े खत्म होंगे, पार्टी अगले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर देगी।












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