ओडिशा में BJD से मुकाबले के लिए क्या कैंडिडेट्स संकट से उबर पाएगी BJP, जानिए
ओडिशा में इस बार एक भार फिर से विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेडी का पलड़ा भारी रह सकता है। इसकी हम वजह भाजपा में संकट बताई जा रही है।
भाजपा को इस बार ओडिशा के कटक-बाराबती सीट के लिए अभी तक कोई परिचित चेहरा नहीं मिला है। यही नहीं भाजपा ओडिशा के 147 निर्वाचन क्षेत्रों में से लगभग एक तिहाई सीटों पर दमदार उम्मीदवारों के संकट का सामना कर रही है। बता दें कि राज्य में हुए पिछली बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा यहां तीसरे स्थान पर खिसक गई थी।
ऐसी समस्या उन 84 विधानसभा सीटों में भी कम नहीं है, जहां भाजपा 2019 के चुनाव में उपविजेता रही थी, क्योंकि अब तक अधिकांश प्रतियोगी पिछले चार वर्षों में अपने घटकों से संपर्क खो चुके हैं।

बता दें कि राज्य में नवंबर या फिर दिसंबर तक विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में भाजपा ने अभी तक उन 125 सीटों के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों की पहचान करने की कवायद शुरू नहीं की है, जहां बीजद पहले से ही 113 सीटों के साथ मजबूत स्थिति में है।
राज्य भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा, "हम शीघ्र चुनाव के लिए तैयार हैं। उम्मीदवार के चयन के लिए जीतने की क्षमता मानदंड होगी। मतदाताओं के संपर्क में रहने वाले और जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यक्रम चलाने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। उम्मीदवारों का चयन सभी स्तरों पर परामर्श के माध्यम से किया जाएगा और प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगा।"
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि भाजपा के सामने अहम सवाल यह है कि पार्टी अगला चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ने जा रही है। जहां तक चुनावी तैयारियों का सवाल है, पार्टी ने अभी तक विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू नहीं की है, जो पूरी तरह से टूट चुकी है।












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