ओडिशा सरकार की अच्छी पहल, शहरी कार्यक्रमों के लिए 236 ट्रांसजेंडरों को 4 करोड़ का किया गया भुगतान
ओडिशा सरकार ट्रांसजेंडरों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में ओडिशा सरकार के आवास और शहरी विकास विभाग (H&UD) के प्रमुख जी माथी वाथनन ने जानकारी दी है कि शहरी कार्यक्रमों में भागीदारी करने वाले 236 ट्रांसजेंडरों को सेवा शुल्क के तौर पर चार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
जी माथी वाथनन ने कहा, खासकर 34 ट्रांसजेंडर समूह के 236 ट्रांसजेंडरों ने विभिन्न शहरी कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। जिसमें उन्होंने लगभग 4 करोड़ रुपये कमाए हैं। ये डेटा ओडिशा में 5T गवर्नेंस फ्रेमवर्क में भी दिया गया है।

ओडिशा सरकार ने समावेशी स्वच्छता प्रथाओं में बदलाव करते हुए राज्य भर के शहरी स्थानीय निकायों जैसे मल कीचड़ और सेप्टेज प्रबंधन (FSSM), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल आपूर्ति प्रबंधन और अन्य आवश्यक शहरी सेवाओं में ट्रांसजेंडर समुदाय को काम करने का अवसर दिया है।
जी माथी वाथनन ने कहा है कि हम बाधाओं को पार कर रहे हैं और ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ साझेदारी कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 43 ट्रांसजेंडर मल कीचड़ उपचार संयंत्रों में काम कर रहे हैं। जिसमें से कई स्वच्छता वाहन चालक हैं। 41 ठोस जल प्रसंस्करण केंद्रों में हैं। 31 जल उपचार संयंत्रों में, 24 शहरी मजदूरी रोजगार पहल में और 18 पार्किंग किराया लेने में लगे हैं। शहरी पेशेवर के तौर पर दो ट्रांसजेंडर काम कर रहे हैं। वहीं 32 सहायक कर्मचारी के रूप में काम करते हैं। वहीं शहरी बेघरों के लिए आश्रय और जलसाथी कार्यक्रम में एक-एक ट्रांसजेंडर काम कर रहे हैं।
बता दें कि ओडिशा ट्रांसजेंडर लोगों को पेंशन, आवास और खाद्यान्न जैसे सामाजिक कल्याण लाभ देने वाला देश का पहला राज्य बना था। जून 2023 के शुरुआती दिनों में ओडिशा के सामाजिक सुरक्षा विभाग के प्रमुख सचिव नितेन चंद्रा ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय को गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे रहने वाले लोगों के समान लाभ मिलेगा। इस कदम का द्देश्य उनकी समग्र सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार करना है।












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