तटीय कटाव मामला: आंध्र प्रदेश की मंत्री तनेति वनिता ने केंद्र से मदद मांगी

दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश समुद्री किनारे पर होने के कारण तटीय कटाव का भी खतरा झेलता है। जगन सरकार में मंत्री तनेति वनिता ने केंद्र से मदद मांगी है।

NPDRR Coastal erosion

तटीय कटाव का खतरा झेलने वाले प्रदेश आंध्र प्रदेश में बड़े नुकसान की आशंका बनी रहती है। जगन सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री तनेति वनिता ने कहा, आपदाओं के दौरान जोखिम को कम करने के लिए तटीय समुदायों के लिए अधिक सहायता की जरूरत है, क्योंकि समुद्री किनारों पर बसे ये इलाके अधिक कमजोर हैं। National Platform for Disaster Risk Reduction (NPDRR) के मंच पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित सेशन में पहुंचे राज्यों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

NPDRR में आंध्र प्रदेश सरकार में गृह और आपदा प्रबंधन मंत्री तनेति वनिता ने शुक्रवार को कहा, आंध्र प्रदेश हर साल एक या दूसरी आपदा का अनुभव करता है, कभी-कभी एक वर्ष में कई आपदाएं भी होती हैं। पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटों पर चक्रवाती गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को मदद करनी चाहिए।

नवंबर 2020 में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में चक्रवात निवार के कारण हुए विनाश को याद करते हुए मंत्री तनेति ने कहा, आंध्र प्रदेश तटीय कटाव की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है। समुद्र तटों की सुरक्षा और तटरेखाओं के प्रबंधन में सुधार के लिए एक कार्यक्रम की जरूरत है। बार-बार चक्रवात और तेज हवा के खतरों का विकासशील तटीय क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। लोग अपने घर, व्यवसाय और आजीविका खो देते हैं। कृषि और वृक्षारोपण फसलों का नुकसान बहुत बड़ा है।

हालात को सुधारने में केंद्र क्या मदद कर सकता है? इस पर वनिता ने कहा, तटीय क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान करने के लिए हम और अधिक तकनीकी और वित्तीय सहायता चाहते हैं। जलवायु परिवर्तन हम सभी के लिए एक चुनौती पेश की है और हमें मिलकर इसका समाधान करने की जरूरत है। तटीय क्षेत्रों में अधिक निवेश चाहिए। उन्होंने कहा, मैंग्रोव और shelter belt plantations का संयोजन तटीय कटाव को रोकने में मदद जैसे उपायों की जरूरत है।

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    मंत्री के अनुसार, विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित राष्ट्रीय चक्रवात जोखिम शमन परियोजना (NCRMP) की मदद से केंद्र सरकार ने हमें बड़ी संख्या में बहुउद्देश्यीय चक्रवात आश्रयों (MPCS) के निर्माण में मदद की है। सरकार ने नौ तटीय जिलों में 219 MPCS का निर्माण कराया है। कुछ और जिलों ने इस नेटवर्क के विस्तार का अनुरोध किया है। केंद्र को अनुरोध भेजा गया है। हालांकि, हमें तटीय आवास में सुधार करने की जरूरत है, जिससे हर बार चक्रवात आने पर लाखों लोगों को निकालने की जरूरत न पड़े।

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