सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों पर पदों को खाली करने को लेकर कोई दबाव नहीं- हाईकोर्ट से आंध्र सरकार
स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक सी वीरभद्रुडु ने बुधवार को उच्च न्यायालय को सूचित किया कि यह सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधन पर निर्भर करता है कि वे अपने संस्थानों में पद राज्य सरकार को सौंपें या नहीं।
हैदराबाद, 30 सितंबर। स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक सी वीरभद्रुडु ने बुधवार को उच्च न्यायालय को सूचित किया कि यह सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधन पर निर्भर करता है कि वे अपने संस्थानों में पद राज्य सरकार को सौंपें या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डराने-धमकाने या जबरदस्ती करने का कोई सवाल ही नहीं है...इन स्कूलों के पदों को सरेंडर करने से इंकार करने पर भी उन्हें सहायता अनुदान दिया जाता रहेगा।

बता दें कि गुंटूर और प्रकाशम जिलों के कुछ सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा सरकार द्वारा स्कलों के पदों पर कब्जा करने के कदम के खिलाफ याचिका दायर की गयी थी। याचिका पर सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी और न्यायमू्र्ति एन जयसूर्या की खंडपीठ के समक्ष स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक सी वीरभद्रुडु ने व्यक्तिगत रूप से यह बात कही। अपनी याचिकाओं में, उन्होंने शिकायत की कि कडप्पा जिले में एक शिक्षा अधिकारी ने अपने अधीनस्थों को निर्देश दिया था कि वे सहायता प्राप्त स्कूलों को सरकार को पद छोड़ने के लिए राजी करें। जवाब में, पीठ ने स्कूल शिक्षा निदेशक को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया था।
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कडप्पा जिले में अधिकारी के मुद्दे के बारे में बताते हुए, वीरभद्रुडु ने कहा कि पूर्व द्वारा जारी एक ज्ञापन में गलतियां थीं और यह गलत संचार का परिणाम था। यह कहते हुए कि उन्होंने खुद इस मामले को देखा है, उन्होंने अदालत को आश्वासन दिया कि ऐसी चीजों को दोहराया नहीं जाएगा।












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