ओडिशा पहुंचा नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल, नवीन सरकार के अनुभव और चावल सुदृढ़ीकरण का करेंगे अध्ययन
नाइजीरियाई सरकार का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को ओडिशा पहुंचा। इस दौरान वे ओडिशा सरकार की नीतियों और लोककल्याणकारी योजनाएं के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। मुख्य रूप से वे चावल के सुदृढ़ीकरण का अध्यन करेंगे।
चावल सुदृढ़ीकरण में राज्य के अनुभव को जानने के लिए नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ओडिशा पहुंचा है। वे ओडिशा सरकार से अपने अनुभवों की जानकारी लेंगे। नाइजीरिया के संघीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निदेशक जॉन उरूक्पा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने लोक सेवा भवन में विकास आयुक्त अनु गर्ग के साथ बैठक की।

नाइजीरियाई सरकार सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति तैयार कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में चावल की पहचान की है, जो उस देश में मुख्य खाद्य पदार्थों में से एक है।
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उन्होंने कहा कि भारत का चावल फोर्टिफिकेशन कार्यान्वयन अनुभव नाइजीरिया के लिए एक मूल्यवान उदाहरण है, खासकर जिस तरह से इसके चारों ओर पारिस्थितिकी तंत्र बनाया गया है। जॉन उरूकपा ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य हितधारकों को प्रत्यक्ष अनुभव और ज्ञान प्रदान करना है, जिससे उन्हें वितरण तंत्र के रूप में स्कूल फीडिंग कार्यक्रम का उपयोग करके केब्बी राज्य में चावल फोर्टिफिकेशन पायलट प्रोजेक्ट को कुशलतापूर्वक शुरू करने में सक्षम बनाया जा सके।
ओडिशा ने पहला चावल फोर्टिफिकेशन कार्यक्रम 2012 में शुरू किया था
गर्ग ने कहा कि ओडिशा ने केंद्र द्वारा दी गई समय सीमा से एक साल पहले सभी खाद्य-आधारित योजनाओं में राज्य भर में फोर्टिफाइड चावल की शुरूआत पूरी कर ली। उन्होंने कहा कि ओडिशा ने देश में पहला चावल फोर्टिफिकेशन कार्यक्रम 2012 में गजपति जिले में शुरू किया था।
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