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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस बनाएगी हरियाणा सरकार, कुरुक्षेत्र में बनेगा शहीदी स्मारक

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस बनाएगी हरियाणा सरकार, कुरुक्षेत्र में बनेगा शहीदी स्मारक
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने विभाजन का दर्द झेलने वाले शदीरों के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कुरुक्षेत्र में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि विभाजन के समय शहीद हुए लाखों लोगों की स्मृति में कुरुक्षेत्र जिले में पीपली के पास लगभग 25 एकड़ में पंचनद स्मारक ट्रस्ट द्वारा शहीद स्मारक बनाया जाएगा। उन्होंने ट्रस्ट से स्मारक का निर्माण का कार्य जल्दी शुरू करने का आह्वान किया। यह स्मारक पंचनद ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जाएगा।

 Martyrity Memorial to be built in Kurukshetra in memory of martyrs of Partition tragedy: Chief Minister Manohar Lal

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वे चाहते हैं कि इस स्मारक की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बने जिसके लिए समाज के हर सदस्य को इसमें अपना योगदान करना चाहिए। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने पूर्वजों के बलिदान को याद करें व इस कार्य में योगदान के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वे भी अपनी और सरकार की तरफ से इस स्मारक के निर्माण में योगदान करेंगे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस अवसर पर देश के विभाजन के बाद हुए रक्तपात में मारे गए लोगों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास में युगांतकारी परिवर्तन लाने वाला दिन है। वर्ष 1947 में आज के दिन भारत की आजादी की प्रक्रिया चल रही थी तो दूसरी तरफ भारत माता की छाती पर लकीर खींच कर देश का विभाजन भी किया गया था। देश का विभाजन ऐसी त्रासदी है जिस पर आजादी के बाद का साहित्य भरा पड़ा है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विभाजन के समय को याद करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने गर्दन कटाना सही समझा लेकिन धर्म बदलना नहीं। उन्होंने कहा कि अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम आने वाली पीढ़ियों को उस वक्त की कहानियां सुनाएं और आने वाली पीढ़ियों को पाने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान के बारे में जानकारी हो।

उन्होंने कहा कि उस वक्त में करीब एक करोड़ 20 लाख लोगों का विस्थापन हुआ था और लाखों लोग मारे गए थे। हमारे पूर्वजों ने जान से ज्यादा संस्कृति और देश से प्यार को दर्शाते हुए अपना बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि जब वे लोग वहां से आए तो रोटी के लाले थे, सिर पर छत नहीं थी, पहनने को कपड़े नहीं थे लेकिन उन्होंने फिर भी हाथ नहीं फैलाया बल्कि मेहनत कर हमारे समाज के लोग अपने पांव पर खड़े हुए और अपने पुरुषार्थ से पुरुषार्थी बने शरणार्थी नहीं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि उपजाऊ भूमि पर मेहनत करने वालों को भी उस पर कुछ अधिकार मिले इस पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि अगर हमें देश को आगे बढ़ाना है तो हमारे समाज, संस्कृति, बोली भाषा को याद रखना होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के बंटवारे को 20वीं शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी कहा है। उन्होंने ही गत वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर आजादी के अमृत महोत्सव का शुभारंभ करते हुए 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाने की घोषणा की थी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा की इस भूमि ने बंटवारे के दर्द को कुछ अधिक ही सहन किया है। यहां पाकिस्तान से उजड़ कर आने वाले लाखों परिवार इस बात का प्रमाण हैं। वे स्वयं उन्ही परिवारों के बीच पले-बढ़े हैं और उस दर्द को भली भांति जानता हैं। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। आजादी का जश्न मनाते हुए एक कृतज्ञ राष्ट्र, मातृभूमि के उन बेटे-बेटियों को भी नमन करता हैं, जिन्हें हिंसा के उन्माद में अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी। यह दिवस हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी। साथ ही वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेले गए दर्द और पीड़ा की याद दिलाएगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए सबका साथ-सबका विकास के विजन के साथ अनेक पहल की हैं। उन्होंने एक भारत-श्रेष्ठ भारत योजना के द्वारा देश के एक कोने में बैठे लोगों को दूसरे कोने के लोगों से मिलने और उन्हें जानने का अवसर प्रदान किया है। इससे देश के सब लोग भारत को जानकर उससे अपना लगाव महसूस करेंगे। प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरित होकर हमने हरियाणा में 'हरियाणा एक-हरियाणवी एक' का नारा दिया है। इसी भाव से हमने प्रदेश के सब क्षेत्रों में समान विकास और सब वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर काम किया है।

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English summary
Martyrity Memorial to be built in Kurukshetra in memory of martyrs of Partition tragedy: Chief Minister Manohar Lal
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