मनोहर सरकार ने कन्या के लिए गठित किया था 'हरियाणा कन्या कोष', लड़कियों के सशक्तीकरण पर खर्च की धन राशि
Haryana News: लड़कियों को बोझ समझने वाले लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने के हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार दिन-प्रतिदिन बड़े कदम उठा रही है। खट्टर सरकार ने करीब एक दर्जन ऐसी सरकारी योजनाएं शुरू की हैं, जो बेटियों के साथ-साथ उनके मां-बाप का सहारा बन रही हैं।
इसी कड़ी में मनोहर लाल सरकार ने प्रदेश में'हरियाणा कन्या कोष' के नाम से एक नई योजना का गठन किया था। ऐसा बताया जा रहा है कि इस योजना के लिए सरकार ने एक फंड स्थापित किया है। जो दान, नकद और सरचार्ज के रूप में प्राप्त होने वाली राशि से संचालित होगा। इस कोष से जरूरतमंद बेटियों की हर तरह की मदद सरकार करेगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी तक इस कोष से 54 लाख रुपये की राशि लड़कियों के सशक्तीकरण पर खर्च की गई है। इतना ही नहीं, हरियाणा सरकार लड़कियों के लिंगानुपात को सुधारने की कोशिश भी कर रही है। साल 2011 की जनगणना के मुताबिक हरियाणा में लिंगानुपात 830 था, वह 2014 में सुधरकर 871 हो गया।
सितंबर 2023 में 932 तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस लिंगानुपात को बढ़ाकर 950 तक ले जाने का इरादा रखते हैं। इस लक्ष्य तक पहुंचने में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का सहयोग रहा है, जिसकी नींव पीएम मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत में रखी थी।
यह कार्यक्रम अब केवल एक सरकारी योजना भर नहीं रह गया, बल्कि क्रांतिकारी सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन चुका है। सरकार ने पीएनडीटी एक्ट तथा एमटीपी एक्ट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जुलाई 2023 तक 1115 एफआइआर दर्ज की हैं।
तो वहीं, हरियाणा ने सुकन्या समृद्धि खाता योजना को भी सफलतापूर्वक लागू किया है, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने पानीपत में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के साथ ही की थी। इस योजना के तहत बच्चियों के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु तक एक हजार रुपये से खाता खोला जा सकता है और डेढ़ लाख रुपये तक इस खाते में जमा कराए जा सकते हैं। 21 साल बाद पूरी जमाराशि ब्याज सहित मिलती है। इसके तहत अब तक 7 लाख 38 हजार 457 खाते खुलवाए जा चुके हैं।












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