'निवेश के लिए इरादा बनाओ, पंजाब सरकार सहयोग के लिए तैयार’, अमन अरोड़ा ने उद्योगपतियों को दिया न्योता
उद्योगपति एक टास्क फोर्स बना सकते हैं, जिसमें वह अपनी मर्ज़ी अनुसार सरकारी अधिकारियों को चुन सकते हैं, जिससे उनके मसले जल्द हल किये जा सकें। उन्होंने भरोसा दिया कि उद्योगों की मांग अनुसार पानी के खर्चे भी घटाऐ जाएंगे।

पंजाब के आवास निर्माण और शहरी विकास और सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने निवेशकों को राज्य में निवेश करने का न्योता देते हुये कहा कि पंजाब में देश भर के टेक्स्टाइल और ऐपरल उत्पादन में अग्रणी राज्य बनने की अथाह संभावनाएं हैं क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार उद्योगों का समर्थन कर रही है।
आज यहां इंडिया स्कूल आफ बिज़नस (आई.एस.बी.), एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में 5वें प्रोग्रेसिव पंजाब इनवैस्टर्ज़ समिट 2023 के दूसरे दिन ''पंजाब में टेक्स्टाईल-नीति, बुनियादी ढांचा, लिंकेज और रुझान'' सैशन की अध्यक्षता करते हुए अमन अरोड़ा ने उद्योगपतियों को प्रसनलाईज़ड टास्क फोर्स सहित हर तरह की सहायता देने की पेशकश की।
उन्होंने बताया कि उद्योगपति एक टास्क फोर्स बना सकते हैं, जिसमें वह अपनी मर्ज़ी अनुसार सरकारी अधिकारियों को चुन सकते हैं, जिससे उनके मसले जल्द हल किये जा सकें। उन्होंने भरोसा दिया कि उद्योगों की मांग अनुसार पानी के खर्चे भी घटाऐ जाएंगे। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वह राज्य में औद्योगिक क्रांति के लिए अपने विचार पेश करें और मान सरकार इन विचारों का स्वागत करेगी।
अमन अरोड़ा ने कहा कि यह सम्मेलन राज्य में निवेश को काफी बढ़ावा देगा, जिससे औद्योगिक विकास को नये राह पर ले जाने में मदद मिलेगी। पंजाब सरकार के पारदर्शी और ईमानदार शासन के मॉडल के कारण पंजाब निवेश के लिए सबसे पसंदीदी स्थान के तौर पर उभरा है।
उन्होंने कहा कि उद्योगों को सिर्फ़ सपोर्ट सिस्टम और अनुकूल वातावरण चाहिए और मान सरकार पहले ही उद्योगों को अनुकूल माहौल और कुशल श्रम मुहैया करवाने के साथ-साथ कारोबार करने की सुविधा को यकीनी बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के तीन ज़िले लुधियाना, जालंधर और अमृतसर टेक्स्टाइल और ऐपरल उद्योग के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में टेक्स्टाइल और ऐपरल की 1200 इकाईयां हैं, जिनमें 1.2 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर रोज़गार मिला हुआ है।
ज़िक्रयोग्य है कि पंजाब में ट्राइडेंट, नाहर, वर्धमान, शिंगोरा, स्पोर्टकिंग, निविया, सावी, अवनि टेक्सटाइल्ज़, जेसीटी मिल्लज़, और इंडियन एक्रेलिकस सहित प्रमुख टेक्स्टाईल दिग्गज़ हैं और हाल ही में सनाथन टेक्स्टाईल ने राज्य में 1600 करोड़ रुपए का निवेश किया है। इसके साथ ही पंजाब ने ज़ारा, एच एंड एम से लेकर जेसी पैनी जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के लिए कपड़े और राष्ट्रमंडल खेलों में इस्तेमाल की जा रही नैट बालें तैयार करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष स्थान बनाया है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब में टेक्स्टाईल क्षेत्र में 11 प्रमुख विशेष अनुसंधान संस्थाएं हैं। इसके अलावा, पंजाब में लगभग 80,000 विद्यार्थियों के दाखि़ले की क्षमता वाली 350 से अधिक आई. टी. आईज़. हैं जिनमें टेक्स्टाईल और ऐपरल सैक्टर कोर्सों समेत 70 से अधिक कोर्स करवाए जाते हैं। इसके साथ ही राज्य में 60,000 ट्रेनिंग क्षमता वाले 1000 से अधिक हुनर विकास केंद्र हैं। टेक्स्टाईल और ऐपरल सैक्टर के अंतर्गत पंजाब हुनर विकास मिशन की तरफ से 250 प्रशिक्षण भाईवालों को सूचीबद्ध किया गया है।
पंजाब हुनर विकास मिशन की एम डी श्रीमती दीप्ति उप्पल ने कहा कि राज्य की औद्योगिक नीति समय की ज़रूरत अनुसार तैयार की गई है। पंजाब लैंड डिवैल्पमैंट चार्जिज़ और स्टैंप ड्यूटी चार्ज से 100 फ़ीसद छूट और मुआवजा देने के इलावा बिजली ड्यूटी में छूट प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब टेक्स्टाईल उत्पादों का सबसे बड़ा निर्यातक है। राज्य सरकार छोटे और दर्मियाने उद्यमियों पर विशेष ध्यान दे रही है।
कैबिनेट मंत्री की तरफ से पैनलिस्टों एमडी सनाथन टैक्स्टाइल परेश दत्तानी, सीईओ सावी एक्सपोर्ट्स मुकुल वर्मा, चेयरमैन सीआईआई और प्रधान गंगा एक्रोवूल्ज़ अमित थापर और एमडी शिंगोरा टेक्स्टाईलज़ अमित जैन को सम्मानित किया गया।
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