महाराष्ट्र को नशा मुक्त बनाया जाएगा: उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
मुंबई। जैन धर्म के तेरापंथ संप्रदाय (Terapanth Sect) के आचार्य श्री महाश्रमण चातुर्मास (Shri Mahashraman Chaturmas) के लिए मुंबई आए हैं। शनिवार को आचार्य श्री को सम्मानित करने के लिए गोरेगांव स्थित नेस्को ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा कि भाजपा-शिवसेना सरकार महाराष्ट्र को मादक पदार्थ मुक्त राज्य बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पहल की हैं।
सरकार नशीले पदार्थों से संबंधित कानूनों को और अधिक कठोर बनाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि साइकोट्रोपिक ड्रग्स का खतरा फैल रहा है और इसलिए कड़े कानून जरूरी हैं। इस मौके पर राज्य के पर्यटन और महिला एवं बाल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा भी थे।

12 करोड़ जनता की तरफ से स्वागत
फडणवीस ने कहा कि वे प्रदेश की 12 करोड़ जनता की तरफ से आचार्य जी का महाराष्ट्र में स्वागत करते हैं। 60 वर्षों के बाद आचार्य जी मुंबई की इस धरती को पवित्र करने के लिए यहां चातुर्मास करेंगे। यह मुंबईकर नागरिकों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण आयोजन है, इसलिए मैं आचार्य जी का मन से और दिल से आभार व्यक्त करता हूं। हम सभी लोग जानते हैं कि आचार्य जी ने हमारे देश में नशा मुक्ति का आंदोलन छेड़ा है। एक करोड़ से ज्यादा लोगों को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाने का काम किया हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य चाणक्य कहते थे कि किसी भी देश को अगर नष्ट करना है तो उसकी युवा पीढ़ी को आत्मकेंद्री और लतखोर बनाओं तो किसी भी युद्ध के बिना उस देश को गुलाम बनाया जा सकता है। आज हम लोग देखते हैं कि बड़े पैमाने पर पड़ोसी देशों से ड्रग्स तस्करी कर हमारे बच्चों को नशाखोरी में डालने का बड़ा प्रयास लगातार चल रहा है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने नशे के खिलाफ बड़ी मुहिम छेड़ी है। हम लोग लगातार ड्रग पेडलर्स को पकड़ने की कोशिश कर रहे है। उनके आका को पकड़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह लडाई तभी सफल होगी, जब इसके पीछे एक आध्यात्मिक ताकत खड़ी होगी। जो हमारे बच्चों को मन का संकल्प देगी, मन की ताकत देगी। हमारे युवा जिस समय स्वयं ही इन नशे से दूर होंगे, तो मुझे लगता है कि यह लड़ाई हम तभी जीत पाएंगे।
दो दशक बाद आचार्यश्री का मुंबई आगमन
फडणवीस ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या कानून के भरोसे नहीं जीती जा सकती। नैतिक मूल्यों के भरोसे और संस्कारों के भरोसे जीती जा सकती है। उन नैतिक मूल्यों को और संस्कारों को हमारे समाज में लाने का काम हमारे आचार्य महाश्रमण कर रहे है, इसलिये मै उनका बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूं। उल्लेखनीय है कि आचार्य महाश्रमण भारत के 22 अन्य राज्यों और पड़ोसी मुल्क नेपाल तथा भूटान की 55,000 किलोमीटर की लंबी और कठिन पैदल यात्रा पूरी करने के बाद मुंबई पहुंचे। दो दशक के अंतराल के बाद आचार्य महाश्रमण मुंबई आए हैं। इस वर्ष के चातुर्मास का उद्देश्य समाज कल्याण और नशामुक्ति का संदेश फैलाना है। उन्होंने कहा कि आर्थिक, भौतिक, सामाजिक विकास के साथ-साथ नैतिकता के विकास का भी प्रयास होना चाहिए। अहिंसा, जीवन में तपस्या ही ही वास्तविक धर्म है। इस मौके पर उपस्थित अन्य लोगों में जीतो से सुखराज नाहर, गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब से विनय जैन, दिगंबर जैन समाज से केसी जैन, भरत जैन महामंडल से सीसी डांगी, सांसद गोपाल शेट्टी, पूर्व मंत्री राज के पुरोहित, विधायक गीता जैन, पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता शामिल थे।












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