झारखंड में शुरू की गई पशुधन विकास योजना, जानें कैसे बढ़ेगी किसानों की आय
झारखंड में किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की शुरुआत की गयी है। झारखंड सरकार ने गो पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, बत्तख पालन आदि को इस योजना में शामिल किया है। योजना के तहत सरकार की ओर से 50 से लेकर 90 तक सब्सिडी का भी निर्धारण किया गया है। राज्य के किसानों, विधवा महिलाओं, विकलांग आदि को इसका लाभ दिया जाएगा।
किसानों के बीच पशु-पक्षियों का वितरण
कृषि पशुपालन एवं सहकारिया विभाग ने योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य में पशु पक्षियों के वितरण की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत कृषि विभाग ने किसानों को बकरा-बकरी, सूकर, लो इनपुल लेयर कुक्कुट, ब्रायलर कुक्कुट और बत्तख के चूजे उपब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से 1,29,339 लाभुकों का चयन किया गया है। लाभुकों को पशुधन उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने आपूर्तिकर्ता/एजेंसी को आमंत्रित किया है।

एक किसान को चार बकरी और एक बकरा मिलेगा योजना के तहत चयनित 38,227 पशुपालकों को बकरा विकास योजना के तहत एक किसान को 21 हजार अनुमानित मूल्य की चार बकरी और एक बकरा दिया जाएगा। वहीं, सूकर विकास योजना के तहत लगभग 34 हजार मूल्य के पांच सूकर (1 नर 4 मादा), बैक्यार्ड लेयर कुक्कुट योजना के तहत दिया जाएगा। 14,700 मूल्य के 420 चूजा (पांच प्रतिशत मृत्यु को ध्यान में रखते हुए) मिलेगा। इसके अलावा ब्रायलर कुक्कुट पालन योजना के तहत एक किसान को 15,750 मूल्य के 525 चूजे (पांच प्रतिशत मृत्यु को ध्यान में रखते हुए) मिलेंगे। अंडा उत्पादन के लिए बत्तख चूजे का भी वितरण होगा। इसके तहत 1530 रुपये मूल्य के 15 चूजे एक किसान को मिलेगा।
सवा 1 लाख से ज्यादा किसानों का किया चयन
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से कुल लगभग 1,29, 339 लाभुकों का चयन किया गया है। इसमें बकरा विकास योजना के लिए 38227, सूकर विकास योजना के लिए 7470, बैकयार्ड लेयर कुक्कुट पालन योजना के लिए 3985, ब्रायलर कुक्कुट पालन योजना के लिए 6978 और बत्तख चूजे के वितरण के लिए 72678 किसानों का चयन किया गया है।
पशु-पक्षियों के मूल्य इस प्रकार किए जाएंगे तय
योजना के तहत चयनित लाभुकों को योजनांतर्गत दी गयी राशि की अधिसीमा में पशु पक्षी उनके द्वार पर उपलब्ध करायी जाएगी। आपूर्तिकर्ता एवं लाभुक के बीच आपसी विमर्श के द्वारा पशु पक्षियों के मूल्य तय किए जाएंगे। किसी भी सूरत में यह मूल्य अनुमानित मूल्य से ज्यादा नहीं होगा। किसानों को दिए जाने के पहले उसे टीकाकरण किया जाएगा। साथ ही निर्धारित अविध तक कोरंटाईन में रखने के बाद ही उपलब्ध कराया जाएगा। बकरा बकरी को पीपीआर का टीका, सूकर को स्वाईन फिवर एवं चूजा को डे ओल्ड टीका से पहले ही टीकाकरण किया जाएगा।












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