मुख्यमंत्री गहलोत की चेतावनीः कान खोलकर सुन लो पेपर लीक वालों, राजस्थान सरकार बख्शेगी नहीं
साथ ही मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पेपर लीक करने वालों कान खोल कर सुन लो राजस्थान सरकार बख्शेंगे नहीं कानून बन गया है और जेलों की सेल्स में बंद पड़े रहोगे। आपके परिवार वालों को इससे तकलीफ होगी।

Ashok Gehlot on Paper Leak : राजस्थान में पेपर लीक को लेकर सियासत गर्म है। जहां प्रदेश की कांग्रेस सरकार भाजपा के निशाने पर है तो वहीं पेपर लीक को लेकर अपनों ने भी घेरा हुआ है। सचिन पायलट लगाता पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी ही सरकार को घेरे हुए हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पेपर लीक माफियाओं को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पाली के सांचौर में पेपर लीक के मसले पर कहा कि हमने किसी को नहीं बख्शा है। मुख्यमंत्री गहलोत ने मंत्री सुखराम विश्नोई की ओर इशारा करते हुए यहां तक कह दिया कि आपके गांव के भी दो-चार आरोपियों को हमने पकड़ा है। उन्होंने कहा कि हमने किसी को नहीं बख्शा है, सारे पेपर लीक के आरोपियों को हमने जेल में भेजा है। यहां तक कि हमने नया कानून भी से लेकर पास किया।
कान खोल कर सुन लो
साथ ही मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पेपर लीक करने वालों कान खोल कर सुन लो राजस्थान सरकार बख्शेंगे नहीं, कानून बन गया है और जेलों की सेल्स में बंद पड़े रहोगे। आपके परिवार वालों को इससे तकलीफ होगी। मैं नहीं चाहता हूं कि बिना मतलब के उन्हें तकलीफ हो। इसलिए पेपर लीक नहीं होने चाहिए। लाखों नौकरियां मैं दे रहा हूं।
गौरतलब है कि राजस्थान में एक बार फिर पेपर लीक का मसला गरमाया हुआ है। पिछले दिनों पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने पेपर लीक के खिलाफ अजमेर से जयपुर तक जन संघर्ष यात्रा निकाली थी। जिसके बाद पायलट ने गहलोत सरकार को तीन अल्टीमेटम दिए थे जिनमें से दो अल्टीमेटम पेपर लीक से जुड़े हुए थे, पायलट ने पहला अल्टीमेटम आरपीएससी को भंग करके उसका पुनर्गठन करने की मांग की थी तो वहीं पेपर लीक अभ्यर्थियों को मुआवजा देने की मांग की। हालांकि इस मसले पर सीएम गहलोत अपना रुख साफ कर चुके हैं कि लाखों लोगों को पेपर का मुआवजा देना संभव नहीं है। साथ ही सीएम गहलोत लगाता पेपर लीक के मसले को सख्ती से निपट रहे हैं।












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