ओडिशा मिलेट्स मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यो को देखने के लिए भुवनेश्वर पहुंचा केरल प्रतिनिधिमंडल
ओडिशा मिलेट्स मिशन के माध्यम से किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी लेने के लिए केरल का एक प्रतिनिनिधि मंडल भुवनेश्वर पहुंचा। केरल के एनआईटी कालीकट के छात्रों और प्रोफेसरों सहित कुल 52 प्रतिनिधि 2 दिसंबर को पहुंचे थे। ओडिशा मिलेट्स मिशन की योजना अधिकारी कल्पना प्रधान ने ओडिशा मिलेट्स मिशन के बारे में इनको जानकारी दी।इसके साथ ही मिशन के उद्देश्यों और उपलब्धियों के बारे में बताया।

कृषि और किसान सशक्तिकरण विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक, कृषि और तकनीकी विशेषज्ञ, WASSAN, शैलेन्द्र मोहंती ने ओडिशा बाजरा मिशन के बारे में जानकारी प्रदान की और इंजीनियरिंग छात्रों के सवालों का जवाब दिया ।
कृषि और किसान अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अरबिंद कुमार पाधी ने इस मिशन के बारे में बताया कि
ओडिशा मिलेट्स मिशन की खासियत इसकी समावेशिता है। ओडिशा में बाजरा की खेती अधिकतर सीमांत भूमि वाले आदिवासी किसानों द्वारा की जाती है। बाजरा को लोग बहुत अधिक पोषण वाली जलवायु-लचीली फसल के रूप में देखते हैं, लेकिन हम समनता और न्याय की भी बात करते हैं। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि एक आदिवासी किसान को अंत में लाभ मिले।
डॉ अरबिंद कुमार पाधी ने बताया
किसानों को बाजरा उगाने के लिए प्रेरित किेया जाता है और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जाता है। उनके लिए हम न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से विपणन योग्य अधिशेष बाजरा की खरीद सुनिश्चित करते हैं ताकि खरीदे हुए बाजारे को राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरित करें। इसके अलावा, बाजरे की खपत लोगोें के बीच बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम भी किए जा रहे है।
बता दें केरल से भुवनेश्वर आए छात्रों के प्रतिनिधि मंडल का उद्देश्य बाजरा संवर्धन के लिए ओडिशा मिलेट्स मिशन द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में जानना था और कैसे मिशन ने इन प्राचीन अनाजों को एक विशिष्ट पहचान देते हुए, दूर-दूर तक अपना कद स्थापित किया है।












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