NITI Aayog की बैठक में शामिल हुए CM सोरेन, सहकारी संघवाद के सिद्धांतों को धरातल पर उतारने का मांगा सहयोग
सीएम सोरेन बैठक में राज्य की खनन रॉयल्टी के बकाया 1.36 लाख करोड़ के भुगतान की मांग समेत वन संरक्षण नियम में संशोधन को लेकर अपने पक्ष से केंद्र को अवगत कराएंगे।

रांची। कुछ गैर भाजपा शासित राज्यों द्वारा नीति आयोग की बैठक से दूरी बनाने के बावजूद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोग की शासी परिषद की आठवीं बैठक में शामिल हुए।
उन्होंने अपने संबोधन के दौरान सहकारी संघवाद का हवाला देते हुए राज्य के लिए उचित सहयोग की अपेक्षा की। यह भी कहा कि हम देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए तैयार हैं।
हेमंत सोरेन ने विभिन्न क्षेत्रों में राज्य में हो रहे काम की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि एमएसएमइ सेक्टर में स्थाई पूंजी पर देय पूंजीगत सब्सिडी को हम 25 प्रतिशत से बढ़ाकर अधिकतम 40 प्रतिशत कर रहे हैं।
3 साल में विकास की गति तेज
झारखंड में विगत तीन वर्षों में विकास की गति में काफी तेजी आई है। राज्य में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। 6384 2837.33
प्रधानमंत्री से आग्रह है कि को-ऑपरेटिव फेडरलिज्म के सिद्धांतों को धरातल पर उतारते हुए राज्य को उचित सहयोग प्रदान किया जाए, जिससे विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में झारखंड भी अपनी भागीदारी दर्ज करा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्षों में राज्य सरकार द्वारा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं।
वे विश्वास दिलाना चाहते हैं कि झारखंड देश के साथ कंधे से कंधा मिला कर कार्य करने के लिए सदैव तत्पर रहा है एवं रहेगा।
एनएच के विस्तार का अनुरोध
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आवागमन का साधन विकसित करने का काम हो रहा रहा है। राष्ट्रीय उच्च पथ घनत्व को राष्ट्रीय औसत के बराबर लाने के लिए कुल आठ प्रमुख सड़क कारिडोर (1662.50 किमी) को भी चिन्हित किया है।
इससे राज्य में उत्तर से दक्षिण एवं पूरब से पश्चिम कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी। साहिबगंज एवं मनिहारी घाट (बिहार) के मध्य गंगा नदी पर निर्माणाधीन उच्चस्तरीय सेतु की तर्ज पर राजमहल एवं मानिकचक ( बंगाल) के मध्य गंगा नदी पर उच्चस्तरीय सेतु निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से अनुरोध किया गया है।
इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की अपेक्षा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली टूरिस्ट कॉरिडोर एवं सेंट्रल कारिडोर को चिन्हित कर डीपीआर तैयार किया जा रहा है। इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के कार्यान्वयन में केंद्र से सहयोग की अपेक्षा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में नगरीय क्षेत्रों एवं आबादी का निरंतर विकास हो रहा है। इसी के अनुरूप नगरीय संरचनाओं एवं नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रयास किये जा रहे है।
इसके तहत 10 शहरों का नगर विकास योजना एवं छह शहरों का समेकित मोबिलिटी प्लान तैयार कर लिया गया है। राज्य के कुल 43 शहरों का जीआइएस आधारित मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया गया है।












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