Jharkhand: स्कूलों में छुट्टियों को लेकर अब शिक्षकों की नहीं होगी मनमानी, सरकार ने जारी की गाइडलाइन
पलामू: सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले प्रधानाध्यापक और शिक्षकों की उपस्थिति और छुट्टी के मामले में मनमर्जी को खत्म करने के लिए झारखंड सरकार में बड़ा निर्णय लिया है।

पलामू: सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले प्रधानाध्यापक और शिक्षकों की उपस्थिति और छुट्टी के मामले में मनमर्जी को खत्म करने के लिए झारखंड सरकार में बड़ा निर्णय लिया है। पहले शिक्षक प्रधानाध्यापक को छुट्टी का आवेदन देकर चल देते थे या आ कर बाद में देते थे लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा।
स्कूली शिक्षा विभाग सचिव ने जारी किया पत्र
स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव के रवि कुमार ने शिक्षकों की छट्टी को लेकर राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षक और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सात फरवरी को पत्र जारी किया है। नए नियमों के अनुसार, अब शिक्षकों को लीव मैनेजमेंट मॉड्यूल के माध्यम से ही छुट्टी मिलेगी। अन्य माध्यमों से छुट्टी का आवेदन देने पर उसे खारिज कर दिया जाएगा।
क्या है ई विद्यावाहिनी एप
सचिव की ओर से जारी किए आदेश में लिखा है कि लीव मैनेजमेंट मॉड्यूल को ई-विद्यावाहिनी एप में लाइव कर दिया गया है। लीव मैनेजमेंट मॉड्यूल सभी पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को छुट्टी के लिए आवेदन समर्पित करने की अनुमति देता है और छुट्टी की पात्रता से संबंधित विवरण दिखाता है। इसके अलावा कर्मियों की छुट्टी इतिहास का विस्तृत विवरण भी प्रदान करता है।
लीव मैनेजमेंट मॉड्यूल से ही कर सकते हैं आवेदन
सचिव ने पत्र में निर्देशित किया है कि पत्र जारी होने की तिथि से राज्य के सभी पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों को मात्र लीव मैनेजमेंट मॉड्यूल के माध्यम से ही छुट्टी के लिए आवेदन करते हुए अवकाश प्राप्त करना होगा। किसी भी परिस्थिति में अन्य माध्यम से आवेदित छुट्टी आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा और आवेदन को अस्वीकृत कर दिया जाएगा।
वेतन भुगतान में भी लीव मॉड्यूल का अहम रोल
रवि कुमार द्वारा जारी पत्र में लिखा है कि लीव मैनेजमेंट मॉड्यूल में राज्य के सभी पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक व शिक्षकों के लिए अवकाश विवरण दर्ज करने का प्रावधान है। हर महीने लीव मैनेजमेंट मॉड्यूल में उपलब्ध अवकाश विवरण पर विचार करते हुए ही वेतन आदि भुगतान किया जाएगा।
सचिव ने पदाधिकारियों को किया निर्देशित
सचिव ने शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने स्तर से राज्य के सभी प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को इस सुविधा से खुद को परिचित करने, छुट्टी प्राप्त करने के लिए इसे अपनाने के निमित्त लीव मैनेजमेंट मॉड्यूल के माध्यम से ही छुट्टी के लिए आवेदन समर्पित करने के लिए आदेश दिया जाए।












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