झारखंड: किसान परिवारों को राज्य सरकार की ओर से मिलेंगे 3,500
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में सुखाड़ राहत योजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की गई।

नई दिल्ली,4 दिसंबर: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में सुखाड़ राहत योजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक में उपायुक्त ने प्रखंडवार योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को गति के साथ कार्यों को संपादित करने का निर्देश दिया। कम वर्षापात और अल्प फसल आच्छादन के फलस्वरुप जिले के सुखाड़ प्रभावित कृषक परिवारों और भूमिहीन कृषक मजदूरों को आनुग्राहिक राहत भुगतान के लिए आवेदन पत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रभावित कृषक परिवारों एवं भूमिहीन कृषक मजदूर को आनुग्राहिक राहत भुगतान के लिए आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए प्रज्ञा केंद्रों को पंचायतवार टैग करने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया।
प्रज्ञा केंद्र से आवेदन हाेगा
उपायुक्त ने जानकारी दी कि सुखाड़ राहत योजना अंतर्गत सभी किसानों को जल्द से जल्द प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन समर्पित किया जाना है। इसके लिए जमीन का कागजात, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक का खाता संख्या संलग्न करना आवश्यक है। जो किसान पहले से जेआरएफआरवाई में आवेदन कर चुके हैं और अपना डिटेल्स अपलोड कर चुके है, उनको ई-केवाइसी करवाना आवश्यक नहीं है। लेकिन सुखाड़ राहत योजना में पंजीकरण कराना आवश्यक है।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शत-प्रतिशत योग्य लाभुकों का जल्द से जल्द आवेदन प्रदान कर ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी अपने अधीन क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य योजना निर्धारित करते हुए निर्धारित समयावधी में शत-प्रतिशत योग्य लाभुकों का आवेदन प्राप्त करने की बात कही। ताकि किसानों को उक्त योजना से जोड़ लाभान्वित किया जा सकें।
सत्यापन के बाद आवेदन किया जाएगा डीसी काे प्रेषित
भूमिहीन कृषक मजदूर जिनकी कृषि आधारित आजीविका का साधन सुखाड़ प्रभावित हुआ हो। सुखाड़ से प्रभावित परिवारों से प्राप्त आवेदन के सत्यापन के बाद अंचल अधिकारी और प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी द्वारा संयुक्त प्रतिवेदन संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से उपायुक्त को प्रेषित किया जायेगा। उपायुक्त को प्राप्त प्रतिवेदन पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के निर्णय के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा लाभार्थियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से आनुग्राहिक राहत की राशि का भुगतान किया जायेगा। इसके लिए किसानाें काे आवश्यक कागजात मसलन आधार कार्ड, राशन कार्ड, जमीन रसीद, मोबाईल नंबर के साथ अपने नजदीकी प्रज्ञा केन्द्र, सीएससी सेंटर पर जाकर मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के पोर्टल एचटीटीपीएसडबलडॉटडबल स्लैसडाॅटएमएसआरवाइड डॉटझारखंडडॉटगाेवडाॅ इन पर पर निबंधन कराना है। और 1 रुपया का टोकन मनी कटाना अनिवार्य है। किसान अपना इकेवाइसी भी अवश्य रूप से करा लें। निबंधन की अंतिम तिथि 15 दिसंबर निर्धारित है।












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