CM हेमंत ने 3469 शिक्षकों को सौंपा नियुक्ति पत्र, रांची में हुई सबसे अधिक टीचरों की तैनाती

मुख्यमंत्री ने सांकेतिक तौर पर 24 नवनियुक्त शिक्षकों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कैसे और बेहतर करे, इसपर लगातार काम कर रही है।

 Hemant Soren

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 3469 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपा। सबसे अधिक 280 शिक्षकों की नियुक्ति रांची जिले में हुई है। वहीं, सबसे कम 67 शिक्षक लातेहार में नियुक्त किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक सबसे पहले कोडरमा की शालिनी तिर्की को नियुक्ति पत्र दिया गया। इनके बाद बोकारो से धनंजय महतो सहित हजारीबाग से सोनी कुमार सहित 24 जिलों से शिक्षकों को बुलाकर सीएम हेमंत ने नियुक्ति पत्र दिया।

26 विषयों में की गई शिक्षकों की नियुक्ति
बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडियम आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटें। 5 वर्ष के दौरान पहली बार राज्य में एक साथ इतनी अधिक संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति हुई। कुल 26 विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। हाईस्कूल में शिक्षकों के 25199 पद सृजित हैं। इनमें से 11 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। राज्य के अधिकतर हाई स्कूल में सभी विषयों के शिक्षक नहीं हैं। वहीं, अगले माह 6 हजार और शिक्षकों की नियुक्ति की तैयारी है।

मुख्यमंत्री हेमंत ने नवनियुक्त शिक्षकों को दी बधाई
नियुक्ति पत्र देने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि टाना भगत इंडोर स्टेडियम में यह ऐतिहासिक दिन है। आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। इतने बड़े समूह में शिक्षकों की नियुक्ति हो रही है। मुख्य सचिव ने कहा कि यह नियुक्ति नहीं जिम्मेदारी है। बहुत सारे काम सरकार करती है कुछ काम ऐसे होते हैं जिनका महत्व ही अलग होता है। किसी मरीज के लिए डॉक्टर भगवान के समान होता है वैसे ही बच्चों के लिए शिक्षक भगवान के समान होते हैं। हमने झारखंड के संदर्भ में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर तय कर रखा है कि हमें समस्याओं का हल निकालना है। इस राज्य का जन्म, अलग राज्य की स्थापना के लिए कई लोगों ने शहादत दिया है।

"स्कूल के बच्चों को दिया गया है धोखा"
हेमंत सोरेन ने कहा, यह राज्य सबसे पिछड़ा है, जहां के कोयले से कई खनिज पदार्थ से बड़ी -बड़ी कंपनी चलती है। देश के कई हिस्सों में रौशनी पहुंचती है वह पिछड़ा है। इस राज्य को मजदूरों का राज्य कहा जाता है, क्या आपको यह सुनना पसंद है, मुझे नहीं पसंद। हम इसे बदलेंगे। हम कई नियुक्ति और अहम फैसलों पर काम कर रहे हैं। हम अपने कदमों को रुकने नहीं देंगे। आप सभी गवाह है कि सरकार बनते ही कोरोना का संकट आ गया। कोरोना में जो समस्या हमारे राज्य में हुई वह किसी से छिपी नहीं है। हेमंत सोरेन ने कहा, राज्य में पहले शिक्षकों की भारी कमी थी। एक ही शिक्षक कई विषय पढ़ाता था। स्कूल के बच्चों को धोखा दिया गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+