'साइबर एनकाउंटर्स' किताब का हिंदी संस्करण लॉन्च, सीएम धामी ने की लेखकों की तारीफ

सीएम धामी ने दोनों लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि “साइबर एनकाउंटर्स” पुस्तक गागर में सागर भरने का कार्य कर रही है।

CM Dhami

साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों को दर्शाती बहुप्रतीक्षित पुस्तक "साइबर एनकाउंटर्स" का हिन्दी संस्करण आज (रविवार) लॉन्च किया गया। उत्तराखंड पुलिस महानिदेक अशोक कुमार और ओ.पी. मनोचा (पूर्व डीआरडीओ वैज्ञानिक) की पुस्तक का विमोचन सेंट जोसेफ अकादमी सभागार, देहरादून में आयोजित एक भव्य समारोह के बीच हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी रहे। उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल के. रतूड़ी एवं दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए डॉ. अलकनंदा अशोक, शक्ति मनोचा और डॉ. पीयूष कुमार ने मुख्यमंत्री सहित समस्त सम्मानित अतिथियों को पौधे भेंट किए। मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। तत्पश्चात सेंट जोसेफ अकादमी के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई।

कविन्द्र सिंह मेहता (RJ काव्या) द्वारा कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन करते हुए समस्त अतिथियों एवं पाठकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पुस्तक के शॉर्ट वीडियो प्रोमो ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए डॉ. पीयूष कुमार के आकर्षक स्वागत भाषण के साथ ही पुस्तक के सह-लेखक ओ.पी. मनोचा ने साइबर एनकाउंटर्स पुस्तक के उद्देश्य और दायरे के बारे में बताया, साथ ही पाठकों को साइबर खतरों को समझने और मुकाबला करने में इस पुस्तक की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बताया कि आज के युग में किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे कीमती चीज उसका डेटा है । उन्होंने कहा कि समाज व पुलिस को साथ मिलकर सजग रहकर इस दिशा में कार्य करना है ताकि आमजन साइबर फ्रॉड से बच सकें। इसके अतिरिक्त उन्होंने साईबर अपराध की रोकने हेतु डिजीटली स्मार्ट युवाओं की आवश्यकता बतायी ।

वहीं डीजीपी ने बताया कि तेजी से बदलती टेक्नॉलाजी के कारण पूरा जीवन आनलाइन हो गया है और कोविड-19 के कारण जीवन के हर सेगामेंट में तकनीक का दायरा भी बढ़ा गया है। साईबर अपराधियों का हजारों मील दूर होना, डिजीटल फुटप्रिन्ट का न होना मुख्य चुनौतियां बनकर सामने आयी है । इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि आम अपराधों की तुलना में साईबर क्राइम का ग्रॉफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है । उन्होंने कहा कि साइबर टिप्स के माध्यम से साइबर अपराधियों का डिजीटल एनकाउंटर्स कर साइबर अपराधों को रोका जा सकता है ।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि "साइबर एनकाउंटर्स" पुस्तक गागर में सागर भरने का कार्य कर रही है। आज के दौर में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध के परिदृश्य में यह पुस्तक काफी प्रासंगिक है। साइबर क्राइम आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है और प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस चुनौती के सम्बन्ध में जनता को जागरूक करना इस पुस्तक की प्रासंगिकता को और बढ़ा देता है। उत्तराखण्ड पुलिस साइबर क्राइम से निपटने में बहुत अच्छा काम कर रही है और देश के कोने कोने से साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज रही है। साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूकता बहुत महत्वपूर्ण है ,यह पुस्तक साइबर क्राइम से संबंधित जागरूकता संदेश को जन-जन तक पहुंचाएगी।

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