आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रमों में तीसरे स्थान पर रहा हरियाणा
हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान प्रदेश भर में 75000 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों की श्रृखंला में गुजरात व जम्मू कश्मीर के बाद हरियाणा ने देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
मुख्य सचिव संजीव कौशल आज यहां आजादी का अमृत महोत्सव समापन समारोह के संबंध में आयोजित वीसी में बोल रहे थे। केन्द्र सरकार के केबिनेट सचिव श्री राजीव गाबा की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों ने भाग लिया। अतिरिक्त निदेशक सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा तथा संस्कृति विभाग हरियाणा कुलदीप सैनी भी मौजूद रहे।

कौशल ने आजादी का अमृत महोत्सव के समारोहों और कार्यक्रमों को शहरी स्थानीय निकाय तक बढाने की सहमति जताई। इसके अलावा उन्होंने राज्य भर में दर्शकों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों के संचालन पर भी बल दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम में से 49738 कार्यक्रम वैबसाईट पर अपलोड किए गए हैं। इनमें से 29913 कार्यक्रमों को भारत सरकार द्वारा गठित कमेटी ने अनुमोदन किया। इसके अलावा जम्मू एवं कश्मीर 44669 कार्यक्रम कर देशभर में पहले तथा गुजरात 44155 कार्यक्रम आयोजित कर दूसरा स्थान पर रहा।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतन्त्रता संग्राम में योगदान देने वाले एवं कुर्बान हुए वीर योद्धाओं की याद में अम्बाला कैंट में 22 एकड़ भूमि पर लगभग 300 करोड़ रुपए की लागत से भारत की आजादी की पहली लड़ाई का विशाल एवं भव्य वार मैमोरियल बनाया जा रहा है। इसका लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है जिसे दिसम्बर 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा नारनौल के गांव नसीबपुर में 42 एकड़ भूमि पर शहीदी स्मारक तथा नारनौल में नेता जी सुभाष चन्द्र बोस पार्क के पास लाईब्रेरी का निर्माण करवाया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्वतन्त्रता संग्राम में हरियाणा के योगदान पर आधारित सभी जिलों में प्रदर्शनी एवं '1857 का संग्राम हरियाणा के वीरों के नाम' नाटक का मंचन किया गया है। हर घर तिरंगा अभियान के तहत लोेगों को प्रेरित करते हुए 6891615 घरों, भवनों पर तिरंगा फहराया गया। इसके अलावा सेमिनार, रैलियां, भाषण प्रतियोगिताएं, रंगोली आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पंचायत स्तर पर मेरी माटी मेरा देश, मिट्टी को नमन, वीरों का नमन, मातृभूमि की स्वतन्त्रता और गौरव का सम्मान, मिट्टी यात्रा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा अमृतकाल के दौरान विकसित भारत का लक्ष्य, गुलामी के हर अंश से मुक्ति, विरासत पर गर्व, एकता और एकजुटता तथा नागरिकों में कर्तव्य की भावना नामक पांच प्रण पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।












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