हरियाणा: केन्द्र सरकार में ग्रुप डी नौकरी धांधली मामले की जांच कर रहे एसएचओ निलंबित
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज केन्द्र सरकार में ग्रुप-डी की नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी से पैसे ऐंठने के मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कर रहे तत्कालीन एसएचओ को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने इस मामले में पुलिस को गलत राय देने के लिए डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटार्नी पर भी कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं। पुलिस आयुक्त कार्यालय के डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटार्नी ने भ्रष्टाचार के मामले को रूपयो के लेन देन का दीवानी मामला बताया था।

मुख्यमंत्री रविवार को गुरूग्राम के स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद् हॉल में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में उनके सामने 19 शिकायतें अथवा समस्याएं रखी गई थी जिनमें से सभी पक्षकारों को सुनने के बाद उन्होंने 16 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया। बैठक में रखे गए एजेंडे के बाद मुख्यमंत्री ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के मनोनीत सदस्यों की भी जनहित संबंधी शिकायतें सुनी और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। बैठक में गुरूग्राम के विधायक सुधीर सिंगला, बादशाहपुर के विधायक राकेश दौलताबाद, पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता भी उपस्थित थे।
बैठक में केन्द्र सरकार में ग्रुप डी की नौकरी लगवाने का झांसा देकर पैसे ऐंठने के मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में ऐसी व्यवस्था कायम की है जिसमें कोई भी व्यक्ति पैसे देकर नौकरी नहीं प्राप्त कर सकता। लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने की दिशा में हमारी सरकार काम कर रही है। इस मामले में आरोपित व्यक्ति की पहले भी धोखाधड़ी की हिस्ट्री है, इसलिए उसके खिलाफ पुलिस कार्यवाही करेगी।
यह शिकायत सोहना निवासी ने की थी जिसमें उसने आरोपित व्यक्ति को साढ़े 3 लाख रुपये देने का आरोप लगाया था। सोहना पुलिस ने जांच के दौरान इसे आपसी पैसे के लेन देन का मामला यह कहते हुए बताया था कि परिवादी और आरोपी के बीच पैसों के लेन देन का कोई सबूत या लिखत पढ़त नहीं है। पुलिस आयुक्त गुरूग्राम में नियुक्त डीडीए ने इसे प्रथम दृष्टया दोनो पक्षों के बीच में दीवानी मामला होने की राय दी थी।
प्रदूषण फैलाने वाली 2 ईकाइयां की गई बंद
बैठक में प्रदूषण के संबंधित दो शिकायत रखी गई थी जिसमें राजेन्द्रा पार्क के एफ और जी ब्लॉक में रबर जलने की बदबू से लोगों का सांस लेना दूभर हो गया था और उससे आंखो में जलन भी हो रही थी। इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्री को बंद कर दिया गया है पंरतु शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उन्हें धमकी मिल रही है।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सादे कपड़ों में वहां पर पुलिस तैनात करें और धमकी देने आने वाले व्यक्तियों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्यवाही करें। इसी प्रकार के आदेश सैक्टर-10 के पास स्थित अमर कॉलोनी में चलाई जा रही अनाधिकृत रबर कंपनी के खिलाफ दिए गए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार इस कंपनी को भी बंद कर दिया गया है।












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