फरियादी से गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- मेरा नाम अनिल विज है और मेरी बात टालने की किसी में हिम्मत नहीं है
चंडीगढ़, 8 जुलाई। हरियाणा के जिला रोहतक में शुक्रवार को जिला लोक सम्पर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक जिला विकास भवन स्थित डीआरडीए कांफ्रेस हॉल में हुई। जिसकी अध्यक्षता करने पहुंचे देश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एक फरियादी की फरियाद सुनकर कहा कि मेरा नाम अनिल विज है और मेरी बात टालने की किसी में हिम्मत नहीं है। आपको उचित कार्रवाई की बात कही है, जो हर हाल में होगी। अगर फिर भी कार्रवाई ना हो तो अनिल विज के दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं।

जिला लोक सम्पर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक में रोहतक के तिलक नगर निवासी दलबीर व उनकी बेटी निशा अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। उन्होंने शिकायत दी कि 4 कनाल 13 मरले जमीन सेक्टर-1 की भूमि पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण गलत तरिके से कब्जा किया जा रहा है। जिसमें पूर्व सीएम के पीएम की भी मिलीभगत है। जिसके कारण निशा का पति भी उसके साथ मारपीट करने लगा और जमीन हड़ने के लिए उसको मारपीट करके घर से निकाल दिया। क्योंकि निशा का पति व पूर्व सीएम का पीए रिश्तेदार हैं। इसको लेकर वे कई बार पुलिस के पास गए, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करना तो दूर कोई संतोषजनक जवाब तक नहीं दिया। जिस पर अनिल विज ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीएसपी व दो अन्य अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश दिए।
गांव मायना निवासी ग्रामीणों ने भी मुआवजा नहीं मिलने के कारण परेशान होकर अनिल विज के समक्ष अपनी परेशानी रखी। उन्होंने कहा कि 2019 में ओलावृष्टि के कारण उनके गांव में काफी नुकसान हो गया था। जब सरकारी अधिकारियों ने सर्वे किया तो 79.16 प्रतिशत नुकसान दिखाया। जबकि बीमा कंपनी ने केवल केवल मात्र 2 प्रतिशत ही नुकसान दिखाकर किसानों को नुकसान का मुआवजा देने का खिलवाड़ किया। किसानों को इसके लिए उन्होंने पहले भी शिकायत दी थी, लेकिन कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई। अब अनिल विज ने डीसी को कमेटी गठित करके जांच के निर्देश दिए।
सुनारिया चौक के श्रीराम नगर कॉलोनी निवासियों ने परिवेदना समिति की बैठक में अपनी शिकायत रखते हुए कहा कि उनके यहां गलियां कच्ची पड़ी हैं। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही हैं। यहां तक कि युवाओं के रिश्ते तक नहीं होते। जबकि अधिकारियों ने 56 लाख का एस्टीमेट बनाकर भेजने की बात कही। जिस पर अनिल विज ने आश्वासन दिया कि इस बार के डी-प्लान में इन गलियों को जरूर शामिल किया जाएगा। यहां तक कि आश्वासन में कहा कि जब प्लान में ये गलियां शामिल होंगी, तभी पास किया जाएगा।
लैब टेक्नीशियन राहुल, अमन, राकेश, दीपक, विकास आदि ने कहा कि 2019 में लैब टेक्नीशियन के 307 पदों के लिए फार्म भरे गए थे। साथ ही परीक्षा पास करने वालों का 17 मार्च 2022 को रिजल्ट भी जारी किया गया। अंगूठा व कागजी जांच भी विभाग द्वारा 5-6 मई को कर ली गई। अब तक तीन साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन नियुक्ति नहीं हुई। अब सभी नियुक्ति के लिए चक्कर काट रहे हैं।












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