हरियाणा: गृह मंत्री विज बोले- अपराधियों का रिकॉर्ड रखने के लिए हॉक सॉफ्टवेयर
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने और मामले को मजबूती से कोर्ट में रखने हेतु जल्द ही थाना स्तर पर लीगल ऐड मुहैया करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में कार्रवाई जारी है और यह लीगल ऐड व्यवस्था जल्द ही थाना स्तर पर उपलब्ध होगी ताकि 45 प्रतिशत कनविक्शन रेट को और अधिक बढ़ाया जा सके।

विज पंचकूला में आयोजित पुलिस कर्मियों के साथ संवाद कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित पुलिसकर्मियों को तथा अन्य को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि नशे के कारोबार में लिप्त लोगों का कनविक्शन रेट 45 परसेंट है और कनविक्शन रेट को बढ़ाने के लिए लीगल ऐड हेतु कार्यवाही की जा रही है ताकि कनविक्शन रेट को बढ़ाया जा सके।
उन्होंने कहा कि कुछ कानूनी अड़चनों और कमियों के कारण ड्रग डीलर छूट जाते हैं लेकिन यदि नशे के मामले में पकड़े गए व्यक्तियों के विरुद्ध मामले को शुरू में ही लीगल ऐड मिल जाती है तो मामले को मजबूत बनाया जा सकता है।
इसलिए हमारी सरकार जल्द ही थाना स्तर पर लीगल ऐड देगी ताकि पुलिस द्वारा पकड़े गए किसी भी आरोपी का अगला जीवन जेल में ही बीत सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कार्रवाई जारी है और जल्द ही यह सहयोग पुलिस को मिलेगा।
इसके अलावा,विज ने बताया कि चिट्टे का अवैध कार्य करने वाले लोगों को डेपोट करने हेतु जल्द ही केंद्र सरकार से बातचीत की जाएगी और इस संबंध में हल निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सरकार द्वारा कई ऐप, कानून और नियम बनाए गए हैं। इसी कड़ी में अपराधियों का रिकॉर्ड रखने के लिए हॉक (HAWK) सॉफ्टवेयर बनाया गया है जिसमें सभी क्रिमिनल का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा, केमिस्ट और दवाई की जानकारी रखने के लिए साथी ऐप तैयार किया जा रहा है ताकि हर दवाई का रिकॉर्ड हो और इसे भी जल्द ही लागू किया जाएगा। इसी प्रकार, हर जिले में नशा मुक्ति केंद्र बनाए जाएंगे और जहां-जहां सेंटर हैं वहां उनकी जांच स्वास्थ्य एवं खाद्य औषधि विभाग के अधिकारियों द्वारा की जाएगी ताकि वहां कोई गलत कार्य ना हो सके।
उन्होंने बताया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को 30 पुरस्कार दिए जाएंगे जिनमें से 10 पुरस्कार मुख्यमंत्री, 10 पुरस्कार गृहमंत्री तथा 10 पुरस्कार पुलिस महानिदेशक द्वारा दिए जाएंगे। इस संबंध में जल्द ही घोषणा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बारे में आने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में मामला रखा जाएगा और इसे पास किया जाएगा ताकि नियमित तौर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को यह पुरस्कार मिले।
गृह मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि "जब जनता पार्टी की सरकार बनी तो किसने बनाई और किसने गिराई की चर्चाएं गर्म थी और बातचीत चल रही थी तो पुलिस के एक व्यक्ति ने कहा कि जनता पार्टी की सरकार हमने ही बनाई और हमने ही गिराई अर्थात जब भी कोई सरकार बनती है तो उसके मंशा और उसकी सोच के अनुसार कार्य करना होता है। उन्होंने कहा कि जनता पार्टी की सरकार बनने से पहले इंदिरा गांधी ने 25 जून को एमरजेंसी लगा दी थी और इमरजेंसी को सख्ती से लागू करने के लिए आदेश दिए गए थे। पुलिस वालों ने इतनी सख्ती की कि इंदिरा गांधी की सरकार गिर गई। जब जनता पार्टी की सरकार बनी तो जनता पार्टी ने आदेश दिया कि ज्यादा सख्ती नहीं करनी, तब पुलिस वालों ने इतनी ढिलाई की तो लोगों ने जनता पार्टी की सरकार बदल दी"। उन्होंने कहा कि इसलिए हमें सरकार की मंशा और सोच के अनुसार अक्षरश: सरकार के कानूनों और नियमों को अच्छे ढंग से लागू करना है।












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