होमगार्डों के हित में हरियाणा सरकार की बड़ी पहल, ऑनलाइन ड्यूटी सेंटर का मंत्री अनिल विज ने किया शुभारंभ
चंडीगढ़, 26 जुलाई। हरियाणा में होमगार्ड स्वयंसेवकों की ड्यूटी अब ऑनलाइन लगेगी। ड्यूटी लगाने में लंबे समय से चला आ रहा भाई-भतीजावाद खत्म होगा। सरकार के पास पैसे लेकर ड्यूटी लगाने की काफी शिकायतें आ रही थीं। सोमवार को गृह मंत्री अनिल विज ने यहां अपने कार्यालय में होमगार्डस (गृह रक्षी) एवं सिविल डिफेंस विभाग के ऑनलाइन ड्यूटी रोस्टर सिस्टम (ओआरएस) का शुभारंभ किया। पोर्टल के जरिये होमगार्ड को ड्यूटी पर भेजने के बारे में विभाग की डीएसपी तान्या सिंह ने प्रस्तुतिकरण दिया। पोर्टल अपने आप काम करेगा, इसमें कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। अनिल विज ने कहा कि होमगार्ड स्वयंसेवकों को विभिन्न सुविधाएं देने लिए विभिन्न स्तरों पर बातचीत की जा रही हैं। प्रयास है कि उन्हें पुलिस कर्मचारियों के समान सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि होमगार्ड का सेवा, ड्यूटी, उपस्थिति, भत्ता रिकॉर्ड इत्यादि डिजिटाइज किया जाए। ड्यूटी लेने वाले विभागों के साथ इसे एकीकृत करें। विभाग के महा आदेशक देश राज सिंह ने गृह मंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में होमगार्ड के लगभग 12 हजार स्वयंसेवक हैं। ड्यूटी में ऑनलाइन सिस्टम शुरू होने से पक्षपात और भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जा सकेगी। इस सिस्टम से ड्यूटी आवंटन व रोटेशन में पारदर्शिता आएगी। तीन मापदंड के आधार पर स्वयंसेवकों की ड्यूटी कंप्यूटर के जरिये लगाई जाएगी।
ओआरएस सिस्टम ड्यूटी व रोटेशन की तिथि से 7 दिन पहले ही सचेत (अलर्ट) कर देगा। अलर्ट में आएगा किस स्वयंसेवक की ड्यूटी समाप्त होने जा रही है। ड्यूटी के संबंध में एसएमएस और ईमेल के माध्यम से जानकारी स्वयंसेवकों को मुहैया करवाई जाएगी और यह जानकारी जिला कमांडेट को भी भेजेंगे। स्वयंसेवकों को जिला मुख्यालय या प्रशिक्षण केंद्रों पर अपनी ड्यूटी के बारे में रिपोर्ट करनी होगी। ऑनलाइन सिस्टम से ड्यूटी आवंटन में देरी नहीं होगी।
गृह मंत्री को अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव अरोड़ा ने बताया कि होमगार्ड को पहली बार सर्दी व गर्मी की वर्दियां दी गईं, जिसमें जूते व जैकेट भी शामिल हैं। स्वयंसेवकों की मृत्यु होने पर परिवारजनों को दो लाख रुपये की सहायता राशि के प्रावधान के अलावा होमगार्ड को 788 रुपये प्रतिदिन दैनिक भत्ता दे रहे हैं। लगभग 40 एकड़ भूमि में संयुक्त प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने के लिए 35 करोड रुपये मंजूर किए हैं। अब ये परिवार पहचान पत्र योजना का हिस्सा भी हैं।












Click it and Unblock the Notifications