दो महीने से चल रहे आंगनबाड़ी वर्कर के प्रदर्शन के आगे पिघली हरियाणा सरकार, किए ये बड़े ऐलान
चंडीगढ़, फरवरी 16। हरियाणा में करीब दो माह से चल रहे आंगनबाड़ी कर्मचारियों और सहायिकाओं के आंदोलन को लेकर टकराव के हालात बन गए हैं। प्रदेश सरकार का कहना है कि आंगनबाड़ी कर्मचारी उन्हें नियमित करने की मांग समेत कई ऐसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही हैं, जो केंद्र सरकार का विषय है। इसके विपरीत आंगनबाड़ी कर्मचारियों का कहना है कि सरकार अपने किए वादे को पूरा नहीं कर रही है।

हरियाणा सरकार ने आंगनबाड़ी कर्मियों को भरोसा दिलाया कि सरकार किसी आंगनबाड़ी वर्कर की छंटनी नहीं करेगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवानिवृति पर प्रदेश सरकार ने एक लाख रुपये तथा आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 50 हजार रुपये की राशि प्रदान करने का फैसला किया है।
आंगनबाड़ी कर्मचारियों व सहायिकाओं ने सीएम सिटी करनाल में डेरा डाल रखा है। उनकी मांग है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा वेतन बढ़ोतरी के किए वादे को पूरा किया जाना चाहिए। इसके विपरीत मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल का कहना है कि कई मांगें ऐसी हैं, जिन्हें राज्य सरकार मान चुकी है, लेकिन फिर भी आंदोलन चलाया जा रहा है। हरियाणा की आंगनबाड़ी कर्मचारियों को आधा दर्जन राज्यों में मिल रहे मानदेय से अधिक मानदेय दिया जा रहा है।
आपको बता दें कि हरियाणा सरकार द्वारा आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को जो मानदेय मिल रहा है, वह उत्तर भारत के राज्यों में सर्वाधिक और देश में दूसरे स्थान पर है। प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 11 हजार 811 रुपये मास मानदेय दे रही है, जबकि मिनी आंगनबाड़ी वर्कर को 10 हजार 632 रुपये तथा सहायिका को 6045 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है।












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