20 हजार जरूरतमंदों के सिर पर छत मुहैया कराएगी हरियाणा सरकार
इसी के मद्देनजर मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में हाउसिंग फॉर ऑल विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभार

हरियाणा में जरूरतमंदों के सिर पर छत मुहैया करवाने की प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप हाउसिंग फॉर ऑल विभाग एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है। इतना ही नहीं, इन-सिटू स्लम रिडेवलपमेंट घटक के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला या अन्य जिलों में भी स्लम एरिया को चिह्नित कर एक योजना तैयार की जाएगी और इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके साथ ही 2022-23 के लिए 20 हजार और घरों की मांग केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
इसी के मद्देनजर मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में हाउसिंग फॉर ऑल विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को घर प्रदान करने की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल मलिक, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता, हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के महानिदेशक अजीत बालाजी जोशी और अतिरिक्त निदेशक विराट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल का ध्येय है कि प्रदेश में कोई भी नागरिक ऐसा न हो, जिसके सिर पर छत न हो। इसलिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सभी पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जल्द से जल्द घर बनाकर दिए जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 2016-17 से 2020-21 तक की अवधि के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए 21,699 घरों के लक्ष्य के विरुद्ध 20,922 घरों का निर्माण किया जा चुका है। केवल 750 घर निर्माणाधीन हैं।
निर्माणाधीन मकानों को पूरा किया जाए जल्द
कौशल ने सख्त रूख अपनाते हुए शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निकायों में वर्तमान में जो मकान निर्माणाधीन हैं, उनके कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि जल्द से जल्द मकान बनाकर लाभार्थियों को दिए जा सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बीएलसी घटक के तहत मकानों के निमार्ण के लिए दी जाने वाली सब्सिडी के वितरण प्रक्रिया को भी सुदृढ़ किया जाए। इसके लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए और उसकी जिम्मेवारी तय की जाए। कौशल ने निर्देश दिए कि सभी स्थानीय निकायों में मकानों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करने के लिए सभी निकायों की मासिक बैठक की जाए।












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