हरियाणा सरकार ने किसानों को दी राहत, भावांतर भरपाई योजना से 436 करोड़ रुपए दिए, फसल नुकसान का मुआवजा बढ़ाया
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने किसानों के बैंकों से लेनदेन पर बड़ी राहत दी है. बैंकों से लेनदेन पर पहले उन्हें 2000 रुपये का स्टाम्प शुल्कलगाना पड़ता था. जिसे कम करके अब सिर्फ 100 रुपये कर दिया गया है. इस फैसले से प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ मिल सकता है. सीएम मनोहरलाल ने प्रदेश में किए गए अपने कार्यों को गिनाते हुए कृषि क्षेत्र के काम भी गिनाए. जिसमें इस बात की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य कृषि सुधार और किसानों का उत्थान है. सरकार कृषि सुधार और किसानों के उत्थान का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है.

उनका मानना है कि किसान समृद्ध होगा तभी प्रदेश में समृद्धि व खुशहाली आएगी. एमएसपी पर फसल खरीद की बात हो या प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान की भरपाई का विषय, सरकार बीज से बाजार तक हर कदम पर किसान के साथ खड़ी है. प्राकृतिक आपदा से खराब फसलों के लिए मुआवजा राशि 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की गई है. राज्य सरकार का दावा है कि वो कुछ किसानों को सब्सिडी पर बीज भी दे रही है.
इन फसलों की होती है एमएसपी पर खरीद
मनोहरलाल सरकार ने दावा किया कि एमएसपी पर 14 फसलों की खरीद करने वाला हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है. इनमें गेहूं, धान, सरसों, जौ, चना, सूरजमुखी, मूंग, मूंगफली, मक्का, बाजरा, कपास, तिल, अरहर और उड़द शामिल हैं. गन्ने का भाव बढ़ाकर 362 रुपये प्रति क्विंटल तक किया गया है, जो देश में सर्वाधिक है. किसान को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की दिक्कत न हो, उसे समय पर सब्सिडी, खाद, बीज व ऋण मिले, इसके लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल शुरू किया है.

बाजरे की फसल पर 436 करोड़ का भावांतर दिया
खरीफ सीजन 2021 से बाजरे के लिए भी भावांतर भरपाई योजना शुरू की गई. इस योजना के तहत 2.40 लाख किसानों को बाजरे की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और औसत बाजार मूल्य के अंतर को 600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 436 करोड़ रुपये की भावांतर राशि दी गई है. फसल विविधिकरण और जल संरक्षण के लिए शुरू की गई;मेरा पानी-मेरी विरासत-योजना में एग्रो फोरेस्ट्री को भी जोड़ा गया है. इसके तहत किसानों को प्रोत्साहन रकम दी गई है.
फसल बीमा योजना का प्रीमियम देगी
प्रदेश में बागवानी फसलों का बीमा शुरू किया गया है. जिसमें फल, सब्जियों एवं मसाला फसलों को कवर किया गया है. यही नहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 2 एकड़ से कम खेती करने वाले किसानों का प्रीमियम राज्य सरकार ने देने का फैसला किया है. जबकि 2 से 5 एकड़ तक के खेतिहरों के हिस्से का आधा प्रीमियम देने का एलान किया गया है.












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