हरियाणा: सरकारी नौकरियों में भरा जा रहा है विकलांगों का बैकलॉग
हरियाणा दिव्यांग आयोग के राज्य आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने आज चरखी दादरी में जिला के एकत्रित हुए दिव्यांगों की समस्याएं सुनते हुए यह जानकारी दी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिव्यांगों की सेवा, सुविधा तथा रोजगार का उचित प्रबंध किया हुआ है। दिव्यांगों को सरकारी नौकरियों में वर्ष 2017 से चार प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है और बैकलॉग की भरपाई की जा रही है।
हरियाणा दिव्यांग आयोग के राज्य आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने आज चरखी दादरी में जिला के एकत्रित हुए दिव्यांगों की समस्याएं सुनते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों ने दिव्यांगों का रिजर्वेशन खत्म कर दिया था। मौजूदा सरकार ने वर्ष 1996 से 2017 तक बैकलॉग की नौकरियों में तीन प्रतिशत और 2017 के बाद भरी जाने वाली नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण दिया है। करीब 15 हजार दिव्यांग कर्मचारी बैकलॉग से लगाए जाएंगे। इसके अलावा पदोन्नति में भी दिव्यांग कर्मचारियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि अभी चिकित्सा विभाग में 103 दिव्यांग डॉक्टर लगाए गए हैं तथा 297 विशेष अध्यापकों की नियुक्ति की गई है।
मक्कड़ ने कहा कि सरकारी नौकरियों में नियुक्ति के लिए दिव्यांग युवकों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि राजकीय विद्यालयों में 32 हजार 500 दिव्यांग बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाया जा रहा है। ये विद्यार्थी कालेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ने जाते हैं तो उनको 2.50 लाख रूपए या कालेज की फीस जो भी कम होगी, वह संस्थान को सरकार की ओर से दी जाएगी। कोई दिव्यांग विदेश जाकर पढऩा चाहता है तो उसको भी सरकारी खर्च पर भिजवाया जाएगा। प्रदेश के दस दिव्यांग बच्चे विदेश पढ़ने गए हुए हैं। दिव्यांगों का शारीरिक परीक्षण कर उनके प्रमाण पत्र बनाने के लिए दादरी जिला के बड़े गांवों में जल्दी ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि अंबाला जिला की पांच एकड़ भूमि में 37 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से सौ बिस्तरों का अस्पताल मानसिक विकलांगों की देखभाल के लिए बनाया जा रहा है। प्रदेश में करीब 50 हजार मानसिक विकलांग हैं। इनके इलाज व देखभाल के लिए प्राइवेट कंपनियों तथा समाजसेवी संस्थाओं को आगे आना चाहिए। राज्य आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने सबसे अधिक दिव्यांगों की भलाई के लिए काम किए हैं। खेल स्टेडियम में अब यह प्रावधान कर दिया गया है कि दिव्यांग खिलाडिय़ों को भी खेल विभाग की ओर से फ्री सामान दिया जाएगा।
इस मौके पर कमिश्नर ने बताया कि दिव्यांग मित्र पोर्टल पर सीएससी सैंटर से दिव्यांग अपनी शिकायत बता सकते हैं, उन पर प्रभावी कार्रवाई की जाती है। दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। राजकुमार मक्कड़ ने बताया कि एचएसआईडीसी के प्लॉट आवंटन में दिव्यांगों का आरक्षण है। एमबीबीएस की सीटों पर पांच प्रतिशत आरक्षण दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए दिया गया है। सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक और पिछड़ा एवं अनुसूचित कल्याण निगम को सरकार हर साल 70-70 करोड़ रुपए दिव्यांगों को सस्ती दरों पर ऋण देने के लिए मुहैया करवाती है। पैराओलंपिक में गोल्ड मेडल लाने वाले दिव्यांग खिलाड़ी को भी सामान्य खिलाड़ी की तरह 6 करोड़ की राशि का ईनाम दिया जाता है।












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