Jharkhand: गरीबों को केवल राशन देना काफी नहीं, उन्हें आगे बढ़ाना भी हमारा लक्ष्य; रांची में बोले CM सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार का काम सिर्फ राशन देना नहीं, बल्कि जो लोग पिछड़े हुए हैं, उन्हें आगे बढ़ाने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी काम करना दायित्व है। सरकार की ओर से दिए जाने वाले राशन से सिर्फ जिंदा रह सकते हैं, मापतौल के इस राशन से रोजगार और पढ़ाई आगे नहीं बढ़ सकते हैं।
लेकिन नई कोचिंग योजना अतिसंवेदनशील आदिवासी समुदाय के लिए वरदान साबित होगी। मुख्यमंत्री गुरुवार को डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान में अनुसूचित जनजाति-जाति, अल्पसंख्यक-पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सहयोग से अतिसंवेदनशील आदिवासी समुदाय के लिए निशुल्क आवासीय कोचिंग कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद संबोधित कर रहे थे।

नौकरी के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करेगी सरकार
सीएम ने कहा कि निशुल्क आवासीय कोचिंग योजना से युवा अब खुद अपने पांवों पर खड़े हो सकेंगे। ये अब समाज को भी संवारने का काम करेंगे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में आपकी सरकार हैं और यह सरकार आपके भविष्य के बारे में सोचती है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस योजना का दूरगामी प्रभाव देखने को मिलेगा। क्योंकि राज्य सरकार कम समय में राज्य को नई दिशा देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में यह पहला मौका है कि जब अति वंचित जनजाति समुदाय को सरकारी नौकरी के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा हैं, ताकि वे भी प्रतियोगिता में शामिल हो सके। प्रतियोगिता के दौर में आदिवासी समाज को भी गति के साथ आगे बढ़ने की जरूरत हैं। आपके सहयोग से मैं भी यहां तक पहुंचा हूं और अपनी गति बढ़ाई हैं। भविष्य में संघर्ष-लड़ाई जारी रहेगी। ताकि अपनी पहचान बनी रहे।
भगवान बिरसा मुंडा दीर्घा का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने बिरसा मुंडा दीर्घा का भी उद्घाटन किया। इससे पहले सीएम ने नगाड़ा बजाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्वागत भाषण में टीआरआई के निदेशक रणेंद्र कुमार ने कहा कि 156 आदिम जनजाति समूह को चार से पांच माह का एसएससी, जेएसएससी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें 63 युवतियां भी शामिल हैं। मौके पर कल्याण विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, सीएम की प्रधान सचिव वंदना दादेल के अलावा वरिष्ठ अधिकारी विनय चौबे, नेल्सन बागे, सुधीर बाड़ा, अजय नाथ झा सहित अन्य मौजूद थे।
आदिम आबादी घटना चिंता की बात: चंपाई
कल्याण मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि आदिम जनजाति समूह की जनसंख्या घट रही है। यह चिंता का विषय है। पहले हमलोग आदिम जनजाति के रूप में जानते थे। अब अति वंचित आदिम जनजाति समूह बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग ह्रदय से खुद को आदिवासी पुकारते हैं, परंतु आज लोग वनवासी सहित अन्य शब्दों से भी संबोधित करते हैं। यह सुनने में अजीब महसूस होता हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की इस योजना से जंगल, पहाड़ में रहने वालों को निशुल्क कोचिंग दी जा रही है, ताकि व्यवस्था में ऊंच-नीच की भावना समाप्त हो सके।












Click it and Unblock the Notifications