गुजरात के आदिवासी इलाकों में हम लगवाएंगे 500 नए मोबाइल टावर: CM भूपेंद्र पटेल
अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बड़ा वादा करते हुए कहा कि, उनकी सरकार आदिवासी बहुल क्षेत्रों में लगभग 500 नए मोबाइल टावर लगवाएगी। उन्होंने कहा कि, यह काम आगामी दो वर्षों में पूरा होगा। पटेल बोले कि, हमारी सरकार ने आदिवासियों को आजीविका मुहैया कराने के लिए बांस वितरण भी किया है। इन क्षेत्रों में विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश वितरित करने के साथ ही आदिवासी विद्यार्थियों को दी जाने वाली पीएचडी छात्रवृत्ति को बढ़ाकर 1 लाख रुपए किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 वर्ष में राज्य में धान्य फसलों का उत्पादन 23.48 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 83.25 लाख मीट्रिक टन पर पहुंच गया है। उद्यानिकी फसलों का उत्पादन 62.01 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 250.52 लाख मीट्रिक टन पर पहुंच गया है। चेकडैमों की संख्या 3500 से बढ़कर 1.65 लाख हो गई है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की संख्या 74 लाख से बढ़कर 8.66 लाख हो गई है तथा औद्योगिक उत्पादन 1.27 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 16.19 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि, गुजरात सरकार ने जन कल्याण और विकास के कार्यों को सदैव प्राथमिकता दी है।

'गुजरात ने अनेक उपलब्धियां हासिल की'
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि 20 वर्ष की अवधि में गुजरात का जो विकास और लोगों का उत्कर्ष हुआ है, वह बेजोड़ है। इन 20 वर्षों में गुजरात ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। अपार उपलब्धियों के साथ बेशुमार विकास किया है। वहीं, सरकार ने जनता का अटूट विश्वास अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात के ये 20 वर्ष नीतिगत प्राथमिकता और प्रदर्शन के रहे हैं। गुजरात सरकार ने जन कल्याण और विकास के कार्यों को सदैव प्राथमिकता दी है। गुजरात को एक पॉलिसी ड्रिवन स्टेट यानी नीति संचालित राज्य बनाया है। वहीं, गुजरात राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक मानदंडों एवं सूचकांकों में पहले नंबर पर आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के पिछले दो दशक एडवांसमेंट, एम्पावरमेंट और डेवलपमेंट यानी उत्कर्ष, सशक्तिकरण और विकास को समर्पित रहे हैं। सरकार ने महिला, बालकों, विद्यार्थी, किसान, गरीब, वंचित और आदिवासियों समेत ऐसे सभी वर्गों को विकास का आधार देकर सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान देश को अनूठा नेतृत्व प्रदान कर दुनिया का सबसे बड़ा निःशुल्क टीकाकरण अभियान चलाया, गरीबों के लिए भोजन-राशन की व्यवस्था की और अर्थव्यवस्था को गतिमान भी रखा है।

'इतिहास का सबसे बड़ा 2.44 लाख करोड़ का बजट'
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई गुजरात की विकास यात्रा के वाहक के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल और विजय रूपाणी के बाद जब से उन्हें सेवा दायित्व मिला है, तब से गुजरात की विकास यात्रा को और तेज गति से आगे ले जाने के लिए उनकी टीम अविरत कार्यरत है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के गहरे दुष्प्रभावों से निपटते हुए सरकार ने इस वर्ष गुजरात के इतिहास का सबसे बड़ा 2.44 लाख करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया है। महिलाओं के उत्कर्ष और उससे संबंधित योजनाओं के वित्तीय प्रावधान में 42 फीसदी की भारी-भरकम बढ़ोतरी की है। गर्भवती माता और शिशु की 1000 दिनों तक संपूर्ण देखभाल करने वाली 'मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना' क्रियान्वित की है।

'हमारा काम बोला'
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जनहितैषी दृष्टिकोण अपनाते हुए आय प्रमाण पत्र की वैधता अवधि 3 वर्ष करने, निर्धारित सेवाओं के लिए एफिडेविट देने से मुक्ति देने तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं एसटी (राज्य परिवहन) बस पास की समयावधि को आजीवन करने जैसे कदम उठाए हैं। उन्होंने राज्य में प्राकृतिक खेती, दुर्गम इलाकों में नहरों से सिंचाई का पानी पहुंचाने, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और इलेक्ट्रॉनिक-एफआईआर सुविधा आदि योजनाओं एवं विकास प्रकल्पों की सफलता की जानकारी दी।












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