हत्या के दोषियों के लिए राज्यपाल ने तोड़े माफी आदेश ने नियम : आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय
विजयवाड़ा, 23 अगस्त: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा कि राज्यपाल द्वारा आठ हत्या के दोषियों को 14 साल की जेल पूरी करने से पहले सजा में छूट देने का आदेश प्रथम दृष्टया नियमों का उल्लंघन है। जेल अधिकारियों से संतोषजनक आचरण का समर्थन एक और आवश्यकता है।

पुचालपल्ली नरेश रेड्डी, कोंडरु दयाकर रेड्डी, पुचालपल्ली सुब्रह्मण्यम रेड्डी, वाई मस्तान, के सुधाकर रेड्डी, पुचलपल्ली श्रीनिवासुलु रेड्डी, पुचलपल्ली निरंजन रेड्डी और चेन्नरु वेंकट रमना रेड्डी स्वतंत्रता दिवस पर जेल से बाहर आए। इन आठ लोगों को 1996 में पार्थमा रेड्डी की हत्या का दोषी ठहराया गया है।
रेड्डी की पत्नी नवनीतम्मा के वकील गुडापति वेंकटेश्वर राव ने अदालत से सरकार के आदेश को रद्द करने और दोषियों को वापस जेल भेजने का निर्देश देने की मांग की। वहीं सरकारी वकील ने तर्क दिया कि राज्यपाल ने अपनी विवेकाधीन शक्तियों का उपयोग करते हुए दोषियों को सजा में छूट दी।
पार्थमा रेड्डी की 1996 में हत्या कर दी गई थी और हत्या में 12 लोग आरोपी थे। दस साल बाद 2006 में एक निचली अदालत ने सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया। नवनीतम्मा और राज्य ने उच्च न्यायालय का रुख किया जिसने 2011 में सभी 12 को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और 2013 में शीर्ष अदालत ने उनमें से एक को आजीवन कारावास से छूट दी।












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