सीएम योगी के निर्देश पर ग्राम न्यायालय की स्थापना, एक माह में चकबंदी के चार हजार लंबित मामले निस्तारित
ग्राम अदालत के माध्यम से सितंबर से अब तक 51 जिलों के 118 गांवों में कुल 6485 मामलों की पहचान की गई है और 3850 मामलों का निपटारा किया गया है। ग्राम अदालत में चकबन्दी अधिकारी, सहायक चकबन्दी अधिकारी, उप संचालक चकबन्दी एवं बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी आदि मौजूद रहते हैं, जो मामलों का मौके पर ही निस्तारण करते हैं।
ग्राम अदालत में 10 वर्षों से अधिक समय से लंबित हजारों मामलों का निपटारा किया गया। कुछ माह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चकबंदी संबंधी मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इस पर चकबंदी विभाग की ओर से लंबित मामलों के निस्तारण के लिए प्रदेश के विभिन्न शहरों में ग्राम अदालत का आयोजन किया जा रहा है।

चकबंदी आयुक्त जीएन नवीन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश के विभिन्न शहरों में अभियान चलाकर ग्राम अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अवैध कब्जे, पारिवारिक और व्यावसायिक विवादों का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान छह सितंबर से शुरू किया गया था, जो लगातार चल रहा है।
अपर चकबंदी आयुक्त अनुराग पटेल ने बताया कि ग्राम अदालत के तहत बलिया में सर्वाधिक 409 मामले चिन्हित किये गये। ये मामले बलिया के तीन गांवों फरसाटार, चंदाडीह और पिपरौली से जुड़े हैं। ग्राम अदालत में एक दिन में 126 मामलों का निपटारा किया गया, जबकि 283 मामलों का निपटारा होना बाकी है।
इसी तरह, अयोध्या के चार गांवों, मलेथुबुजुर्ग, लक्ष्मणपुरगंत, कोटिया और सदरी से 407 वादों की पहचान की गई। इनमें से 235 मामलों का निस्तारण किया गया। शेष 172 मामलों का निस्तारण होना बाकी है। पांच गांवों बंडा, अरसौड़ा, सिलहटा, खप्टिहाखुर्द बांगर, भदावल और मड़ौलीकला बागर में 374 मामले चिह्नित किए गए, जिनमें से 263 मामले निस्तारित हो चुके हैं, जबकि 111 मामले अभी निस्तारित नहीं हुए हैं।
सबसे ज्यादा मामले हरदोई में निस्तारित हुए
पिछले एक महीने में ग्राम अदालत में 10 साल से अधिक समय से लंबित मामलों के निपटारे पर विशेष फोकस किया गया। इस दौरान सबसे अधिक 60 मामले हरदोई के निस्तारित किये गये, जबकि दूसरे स्थान पर जौनपुर के 54, तीसरे स्थान पर आज़मगढ़ के 53, चौथे स्थान पर बदायूँ के 42 तथा पांचवें स्थान पर औरैया के 33 मामले निस्तारित किये गये। चकबंदी आयुक्त ने बताया कि ग्राम न्यायालय में 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित 358 से अधिक वादों का निस्तारण किया गया।












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