ओडिशा: 'पीएम विश्वकर्मा योजना' के जरिए ओबीसी वोटरों को रिझाने की भाजपा की है तैयारी
ओडिशा राज्य के चुनाव होने में अब कुछ ही महीने शेष बचे हैं। राज्य में कुल मतदाताओं का लगभग 52 प्रतिशत ओबीसी वोटर हैं। इनको ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपनी जिला इकाइयों को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत ऋण सहायता के लिए अधिक से अधिक पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की पहचान करने के लिए कहा है। याद रहे 17 सितंबर से विश्वकर्मा योजना शुरू हो रही है।

योजना से भाजपा को चुनावी प्रदेश में भाजपा को है बड़ी उम्मीदें
ओडिशा में चुनाव के दौरान जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा क्योंकि बड़ी संख्या में महिलाएं पत्ती प्लेट बनाने, झाड़ू बनाने और बांस हस्तशिल्प से जुड़ी हुई हैं। चूंकि जाति जनगणना और सरकारी नौकरियों और मेडिकल और इंजीनियरिंग सहित उच्च शिक्षा में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की विपक्ष की मांग को राज्य सरकार से उचित ध्यान नहीं मिला है, इसलिए भाजपा पीएम मोदी द्वारा शुरू की जा रही इस विश्वकर्मा योजना से सर्वश्रेष्ठ पाने की योजना बना रही है।
ओबीसी वोटरों की पहचान करने का भाजपा ने दिया है निर्देश
55 फीसदी जो ओबीसी वोटर है उनको इस योजना के तहत ऋण सहायता के लिए अधिक से अधिक पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की पहचान करने के लिए अपनी जिला इकाइयों को कहा है।
जिला इकाइयों में 100 शिल्पकारों का चयन
ओडिशा में 827 जिला परिषदों के साथ, जिला इकाइयों के लिए आदेश प्रत्येक में कम से कम 100 शिल्पकारों का चयन करना है, जिन्हें क्रेडिट सहायता के लिए पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और आईडी कार्ड के माध्यम से मान्यता प्रदान की जाएगी।
जानें कितने की मिलेगी ऋण सहायता
बता दें पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लोगों को पहली किश्त में 1 लाख रुपये की ऋण सहायता प्रदान की जाएगी जो अभी भी पारंपरिक कौशल के परिवार-आधारित अभ्यास में लगे हुए हैं और दूसरी किश्त में 2 लाख रुपये पांच प्रतिशत की रियायती ब्याज दर के साथ प्रदान किए जाएंगे।












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