हरियाणा के लोगों के लिए परिवार पहचान पत्र बना कारगर दस्तावेज, इसके जरिए मिल रहा योजनाओं का लाभ
चंडीगढ़, 2 अगस्त। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेश पर गठित नागरिक संसाधन सूचना विभाग द्वारा बनाया गया आठ अंकों का परिवार पहचान पत्र प्रदेश के लोगों के लिए कारगर दस्तावेज सिद्ध हो रहा है। जैसे ही कोई नागरिक 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है तत्काल उसका नाम अपने आप वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के लाभ पात्रों की सूची में शामिल हो जाता है। अब उसे न तो किसी दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैं और न ही किसी के आगे फरियाद करने की जरूरत होती है।

विभागीय जानकारी के अनुसार हर महीने लगभग 5 हजार नई पेंशन बन रही हैं । लोग इस परिवार पहचान पत्र को आधार कार्ड से भी कारगर दस्तावेज मान रहे हैं। ये एक ऐसा दस्तावेज सिद्ध हुआ है जिसके माध्यम से सभी सरकारी योजनाओं/सेवाओं का लाभ पात्र व्यक्ति को मिलने का दावा सरकार कर रही है। इस पोर्टल पर अब तक 70 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण हो चुका है, जिससे राज्य की 2.76 करोड़ आबादी कवर हो जाती है। इनमें से लगभग 86 प्रतिशत परिवारों का डाटा सत्यापित हो चुका है। युवाओं की शिक्षा, कौशल व बेरोजगारी का डाटा भी इस पोर्टल पर डाला गया है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत मूर्तरूप देने के लिए एक नई मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान परिवार योजना लागू की गई। योजना का उद्देश्य ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रूपये से कम है, उनकी आय 1.80 लाख करना है। इसके लिए भी परिवार पहचान पत्र के डाटा का उपयोग किया गया और लगभग 3.50 लाख परिवारों की जिनकी आय 1 लाख रूपये से कम थी उन परिवारों के लिए तीन चरणों में अंत्योदय मेलों का आयोजन किया गया। जिसमें 1.50 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और 28 हजार लोगों का बैंकों ने स्व-रोजगार के लिए 80 हजार से 2 लाख रूपये तक का ऋण मंजूर किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री का मानना है कि अवसर मिले तो स्व-रोजगार से आगे का जीवन सुधर सकता है।












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