'दाऊद से जुड़े लोगों को वक्फ बोर्ड में नियुक्त किया', पूर्व सीएम ने उद्धव सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मुंबई, 14 मार्च: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार पर भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम से संबंध रखने वाले लोगों को राज्य के वक्फ बोर्ड में रखने का आरोप लगाया है। विधानसभा में बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि उन्होंने एक पेन ड्राइव जमा की थी, जिसमें वक्फ बोर्ड के सदस्यों मोहम्मद अरशद खान और मुदासिर लांबे के बीच बातचीत थी।

फडणवीस ने सदन को बताया कि दोनों ने बातचीत के दौरान लांबे ने दावा किया कि उनके ससुर इब्राहिम के सहयोगी थे, जबकि खान ने कहा कि उनके चाचा अंडरवर्ल्ड का हिस्सा थे। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि खान जेल में है, जबकि लांबे दुष्कर्म के आरोपों का सामना करने के बावजूद बाहर है।
उन्होंने बजटीय प्रावधानों पर महाराष्ट्र महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार पर भी हमला किया, जिसमें कहा गया था कि पूंजीगत व्यय 49 प्रतिशत से घटकर 35 प्रतिशत हो गया है, जो चिंताजनक है, जबकि राजस्व व्यय 60 प्रतिशत से बढ़कर 66 प्रतिशत हो गया है। फडणवीस ने कहा कि जीएसडीपी में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि केवल कागजों पर हुई, जबकि राज्य सरकार द्वारा घोषित पांच सूत्री विकास कार्यक्रम में शिक्षा पर कुछ भी शामिल नहीं था।
उन्होंने बजट घोषणाओं को नई बोतल में पुरानी शराब बताते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषि ऋण माफ करने के दावों के बावजूद किसानों को साहूकारों से वित्तीय मदद लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पूर्व सीएम ने सदन को बताया कि अगर मुंबई को फंड में 130 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है, तो यह उस्मानाबाद जिले के लिए सिर्फ 5 प्रतिशत है। यह अंतर क्यों है? राकांपा के नेतृत्व वाले विभागों को 57 प्रतिशत, कांग्रेस के अधीन 26 प्रतिशत और शिवसेना को 16 प्रतिशत मिले हैं। वहीं विधानसभा में बोलते हुए फडणवीस ने कृषि भूखंडों की बिजली आपूर्ति काटा जाना, कोरोना को लेकर दी जाने वाली सुविधाओं की स्थापना में भ्रष्टाचार, चक्रवात निसर्ग और तौकते से प्रभावित लोगों को राहत देने में कमी को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा।












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