Haryana: मुख्यमंत्री के ‘मनोहर' काल में लोगों को मिली दरख्वास्त, दस्तावेज, दफ्तर से मुक्ति

भले ही कोई माने या न माने परंतु हरियाणा के आम लोगों को जुबान पर यह बात चर्चा का विषय बनी हुई है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आम जनता को दरख्वास्त, दस्तावेज, दफ्तर से निजात दिलाई है।

व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से पिछले 9 वर्षों में लोगों के जीवन को सरल, सुगम व सहज बनाया है। अब घर बैठे ही लोगों के काम हो रहे हैं, चाहे वह वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना, राशन कार्ड या जाति प्रमाण पत्र बनवाना हो।

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पिछले तीन महीनों में हुए मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रमों के दौरान लोगों ने इस कार्य पर मोहर लगाई है। 2 अप्रैल, 2023 से भिवानी जिले के खरक कलां गांव से आरंभ हुए जनसंवाद कार्यक्रम के सात दौर पूरे हो सके हैं और इस दौरान मुख्यमंत्री 60 से अधिक बड़े गांवों में जनसंवाद कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने तय किया है कि कम से कम 300 बड़े गांवों में जनसंवाद करेंगे और इस दौरान मुख्यमंत्री स्वयं गांव वालों से पूछते हैं कि पिछले 9 वर्षों में सरकार का कोई भी एक कार्य बताओ जो आप लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आया हो? तो लोग भी कहते हैं कि दफ्तरों के चक्कर काटने से आप ने छुटकारा दिला दिया है।

अब बुढ़ापा पेंशन सहित अन्य सभी योजनाओं का लाभ अपने आप मिलना शुरू हो गया है, अब न तो सरपंच, लंबरदार, बीडीओ या किसी सरकारी बाबू के पास गिड़गिड़ाने की जरूरत नहीं पड़ती। अध्यापक स्थानांतरण नीति की शुरुआत तो आपने सोने पे सुहागे के साथ ऐसी कर दी कि अब मास्टर जी को स्कूल में ही रहना पड़ता है और ट्रांसफर के लिए किसी धौलकपड़िये को पकड़ कर चंडीगढ़ जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

इतना ही नहीं, जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में नाम शामिल कराने तथा परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए मंच के एक ओर एडीसी कार्यालय द्वारा विशेष काउंटर लगाए जाते हैं जिनका भी प्रमाण पत्र नहीं बना है उनको मुख्यमंत्री स्वयं कहते हैं कि काउंटर पर जाओ और जब तक कार्यक्रम जारी रहेगा उससे पहले आपका प्रमाण पत्र मिल जायेगा।

महेंद्रगढ़ जिले के कनीना में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान संतोष देवी ने जब मुख्यमंत्री के समक्ष बुढ़ापा पेंशन न बनने का मुद्दा उठाया था तो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लें। अधिकारियों ने मामले की जांच की और उसी दिन अटेली में जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों संतोष देवी का वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में नाम शामिल करवाने का प्रमाण पत्र सौंपा गया तो संतोष देवी और उसके पति की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था।

मुख्यमंत्री ने उसी दिन आदेश दे दिए थे कि आगे से हर जनसंवाद कार्यक्रम में एडीसी कार्यालय के विशेष काउंटर होने चाहियें तब से हर कार्यक्रम में यह व्यवस्था की जा रही है। सैंकड़ों महिलाओं व पुरुषों की मौके पर ही योजनाओं का लाभ मिला है। इस प्रकार लोग मानते हैं कि मनोहर लाल ने उनके जीवन को सरल, सहज व सुगम बनाया है।

एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। मुख्यमंत्री ने इस अवधारणा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है। फिर भी बीमार पड़ने पर गंभीर बीमारी का इलाज करवाने के लिए गरीब व्यक्ति को किसी साहूकार से कर्ज न लेना पड़े या उसे अपनी पैतृक सम्पति गिरवी न रखनी पड़े या बेचनी न पड़े, इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ लेने की आय सीमा को 1 लाख 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 80 हजार रुपये किया है।

अब इसमें एक और कदम आगे बढ़ाते हुए 1 लाख 80 हजार रुपये से 3 लाख रूपये तक की आय वाले परिवारों को भी इस योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। इसके लिए लाभार्थी को मात्र 1500 रूपये का प्रीमियम देना होगा, शेष राशि सरकार वहन करेगी और लाभार्थी 5 लाख रुपये तक का इलाज सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में करवा सकता है। अब लगभग 38 लाख परिवार इस योजना के दायरे में आ जायेंगे।

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