रेणुका बांध बनने पर दिल्ली को मिले पानी, बनें समिति: मनीष सिसोदिया
नई दिल्ली: दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने जयपुर में आयोजित उत्तर राज्यों की परिषद में दिल्ली में प्रदूषण, पानी और यमुना नदी में फैलने वाले प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने शनिवार को इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए दी। उन्होंने परिषद में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बन रहे रेणुका बांध से दिल्ली को मिलने वाले पानी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा करते हुए बताया कि उनके द्वारा मुद्दा उठाए जाने पर परिषद में यह सहमति बनी कि हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बन रहे रेणुका बांध के बनने पर दिल्ली को कितना अतिरिक्त पानी मिलेगा। इसका फैसला भी एक समिति बनाकर पहले ही कर लिया जाना चाहिए। सीएम अरविंद केजरीवाल की पहल पर दिल्ली सरकार ने रेणुका बांध के निर्माण में 214 करोड़ रुपये का सहयोग दिया है। इसलिए 2019 में हुए इसके समझौते में लिखा गया है कि बांध के निर्माण से मिलने वाले अतिरिक्त पानी में से दिल्ली को प्राथमिकता के आधार पर पानी दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने परिषद में कहा कि दूसरे राज्यों की डीजल बसों से राजधानी में प्रदूषण रोकने में मुश्किलें आ रही हैं।

उन्होंने बताया कि इसी तरह से उनके द्वारा परिषद में यह भी मुद्दा उठाया गया कि हरियाणा से नजफगढ़ नाले में 5 हजार क्यूसेक इंडस्ट्री केमिकल युक्त गंदा पानी रोजाना आ रहा है। यह पानी यमुना में जाता है, इसे हरियाणा को साफ करके नाले में डालना चाहिए। उन्होंने दावा किया परिषद में इसके लिए भी केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई गई।
सिसोदिया ने परिषद में कहा कि दिल्ली सरकार अपने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह सीएनजी व ई-बसों में बदल चुकी है। उन्होंने दावा किया कि दूसरे राज्यों से अभी भी करीब 10 हजार बसें डीजल से चलने वाली आती हैं। इससे दिल्ली में प्रदूषण रोकने में मुश्किलें आ रही है।












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