दिल्ली की हवा यूपी की डीजल बसों से हो रही खराब: गोपाल राय
राजधानी दिल्ली में तेजी से बिगड़ती आबोहवा ने सरकार और एजेंसियों को अलर्ट मोड में ला दिया है। पराली का धुआं बढ़ने से दिल्ली-एनसीआर में हवा बेहद खराब हो गई है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आज ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण के तहत वायु प्रदूषण को रोकने के उपायों पर चर्चा किया। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में निर्माण व ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी है। साथ ही उन्होंने दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण के लिए उत्तर प्रदेश की बसों को जिम्मेदार ठहराया है।

यूपी की बसें जिम्मेदार
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने उत्तर प्रदेश के डीजल बसों को जिम्मेदार ठहराया है। गोपाल राय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी बसें चलाने का भी अनुरोध किया है। बता दें कि दिल्ली में रविवार की सुबह वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई।
इन कामों पर कोई बैन नहीं
गोपाल राय ने कहा कि निर्माण बैन रेलवे, मेट्रो और रक्षा कार्यों पर लागू नहीं होंगे। साथ ही जिन कामों से प्रदूषण नहीं बढ़ता है उसपर भी रोक नहीं लगाया गया है। मसलन, प्लंबिंग, बढ़ईगीरी, सजावट और बिजली के कार्यों पर कोई बैन नहीं है। गोपाल राय ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि खनन गतिविधियों की भी अनुमति नहीं दी जाएगी। गोपाल राय ने ट्वीट कर बताया कि 'दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की समस्या को देखते हुए निर्माण एवं विध्वंस कार्यों पर रोक के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए। निगरानी के लिए बनाई गई 586 टीमें। पानी का छिड़काव तेज करने पर जोर दिया गया।'
प्रदूषण बढ़ने पर भाजपा ने दिल्ली सरकार को घेरा
भाजपा ने दिल्ली सरकार पर प्रदूषण से निपटने पर नाकाम रहने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने वायु गुणवत्ता आयोग के चेयरमैन एमएम कुट्टी को ज्ञापन सौंपा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने ज्ञापन में कहा, दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति साल दर साल बेहद गंभीर होती जा रही है। दिल्ली का एक्यूआई 492 बताता है कि दिल्लीवासी कितनी जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं। फिलहाल दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में पहले नंबर पर है।












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