दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, बाढ़ प्रभावित इलाके के छात्र बिना किताब और स्कूल ड्रेस जा सकेंगे स्कूल
दिल्ली के छह जिलों के निचले इलाकों में सरकारी और निजी स्कूल 18 जुलाई तक बंद रहेंगे और 19 जुलाई से कक्षाएं फिर से शुरू होंगी। ऐसे में सरकार ने छात्रों की शिक्षा में रुकावट ना आए इसके शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किए हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में आई बाढ़ में अपनी पोशाक और किताबें खोने वाले छात्रों को इसके बिना कक्षाओं में तब तक शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, जब तक कि उनके लिए पोशाक और नयी किताबों की व्यवस्था नहीं हो जाती है। एक बयान में यह जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय राजधानी में आई बाढ़ में अपनी पोशाक और किताबें खोने वाले छात्रों को इसके बिना कक्षाओं में तब तक शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, जब तक कि उनके लिए पोशाक और नई किताबों की व्यवस्था नहीं हो जाती है।

एक बयान में यह जानकारी दी गई। शिक्षा निदेशालय (डीओई) के एक पत्र में कहा गया है, "सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देशित किया जाता है कि सभी बाढ़ प्रभावित छात्रों को हालिया बाढ़ में हुए नुकसान से उबरने के लिए भावनात्मक और नैतिक समर्थन दिया जाए।"
इसमें कहा गया है, "उन्हें निर्देश दिया जाता है कि जब तक पोशाक और नयी पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक इन छात्रों को बिना पोशाक और पाठ्यपुस्तकों के भी स्कूल आने की अनुमति दी जाए।" दिल्ली सरकार के परिपत्र में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में आई बाढ़ के कारण यमुना के किनारे रहने वाले कई परिवारों को काफी नुकसान हुआ है। इसमें कहा गया, "कुछ परिवारों के घर का पूरा सामान बह गया। ऐसे कई बच्चे हैं जिन्होंने बाढ़ में अपने कपड़े और किताबें खो दी हैं और अपनी संपत्ति और दस्तावेजों के नुकसान से बहुत परेशान हैं। बच्चे स्कूल वापस जाने से झिझक रहे हैं क्योंकि उनके पास किताबें और पोशाक नहीं हैं।"












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