पड़ोसी राज्यों के अपशिष्ट जल के शोधन के लिए न नाले का प्रस्ताव रखा, दिल्ली सरकार ने उठाया कदम
नई दिल्ली, 10 जुलाई। पड़ोसी राज्यों के दूषित पानी के शोधन के लिए दिल्ली सरकार ने शनिवार को नजफगढ़ नाले की तरह एक नये नाले के निर्माण का प्रस्ताव रखा है। दिल्ली सरकार की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई। वहींम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रस्ताव की व्यवहार्यता की जांच के लिए गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर दी है।

जयपुर में 30 वीं उत्तरी क्षेत्र परिषद की बैठक में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा हरियाणा के औद्योगिक और रासायनिक अपशिष्ट को नजफगढ़ नाले में छोड़ने का मुद्दा उठाए जाने के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने यह प्रस्ताव रखा। नजफगढ़ नाला दिल्ली का सबसे बड़ा नाला है, जो राजधानी से यमुना नदी में छोड़े गए अपशिष्ट जल का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा है। सिसोदिया ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
उन्होंने यह भी मांग की कि रेणुका जी बांध के निर्माण में तेजी लाई जाए और केंद्र सरकार दिल्ली को दिए जाने वाले पानी की मात्रा तय करे। रेणुका जी बांध हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में गिरि नदी पर बनाया जा रहा है। बयान के मुताबिक, शाह ने कहा कि दिल्ली को पानी की मात्रा तय करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा।












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