केंद्र सरकार की देरी की वजह से तेलंगाना में बढ़ रही परियोजनाओं की लागत
तेलंगाना के प्रति केंद्र का राजनीतिक रंग वाला रवैया यहां की सिंचाई परियोजनाओं में बाधा डालता आ रहा है।

हालांकि राज्य सरकार गोदावरी और कृष्णा नदियों पर विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत कर रही है। इसके अलावा बड़ी संख्या में परियोजनाएं केंद्रीय मंजूरी की प्रतीक्षा कर रही हैं, उनमें से कुछ दो साल से अधिक समय से हैं।
विशेष मुख्य सचिव (सिंचाई) रजत कुमार ने मंगलवार को यहां गोदावरी नदी प्रबंधन बोर्ड (जीआरएमबी) की बैठक के दौरान इस मुद्दे को एक बार फिर उठाया, जिसमें कहा गया कि गोदावरी नदी पर तेलंगाना द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं को अनुमति देने में देरी से परियोजना की लागत बढ़ रही है। परियोजनाओं से राज्य पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, 'केंद्र द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने और विभिन्न अनुमतियां देने में देरी के कारण, मंजूरी प्राप्त करने में 1.5 से दो साल से अधिक का समय लग रहा है। इसके बाद परियोजना की लागत में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है, जो राज्य के लिए बहुत बड़ा बोझ है। सभी मंजूरियां तेजी से मिलनी चाहिए ताकि लागत में कोई बढ़ोतरी न हो।'












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