विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने तेलंगाना में अल्पसंख्यकों की चिंताओं को दूर करने का संकल्प लिया
तेलंगाना में 2023 के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कांग्रेस ने चुनाव के मद्देनजर अपना अभियान तेज कर दिया है। तेंलंगाना के अल्पसंख्यक वोट प्रदेश की सरकार चुनने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं ऐसे में कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों को साधने के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है।

विधानसभा चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों तक अपनी पहुंच तेज करते हुए, कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को वोटरों से मिलने के लिए अल्पसंख्यक घोषणा समिति के विभिन्न उप-समूहों का गठन किया है।
समिति ने बुधवार को तीसरी बैठक की जिसकी अध्यक्षता टीपीसीसी पीएसी के संयोजक और समिति के अध्यक्ष मोहम्मद अली शब्बीर ने की। इनके अलावा बैठक में पार्टी संयोजक जफर जावेद, शेख अब्दुल्ला सोहेल, उज्मा शाकिर, फहीम कुरेशी, बी. ईजेकील, सैयद अजमथुल्लाह हुसैनी, दीपक जॉन और राशेद खान मौजूद रहे।
कांग्रेस ने बताया कि समिति ने विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के नेताओं और प्रतिनिधियों की एक लिस्ट तैयार की गई है। जिनसे अल्पसंख्यक घोषणा के लिए सुझाव मांगने के लिए व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाएगा समिति ने चार से पांच उप-समूह भी बनाये हैं जो अगले तीन से चार दिनों में इन नेताओं से मुलाकात करेंगे।
शब्बीर अली ने कहा "हमने प्रस्तावित अल्पसंख्यक घोषणा पर चर्चा के लिए विभिन्न बुद्धिजीवियों, संगठनों, नागरिक समाज समूहों और अन्य हितधारकों के साथ एक इंटरैक्टिव बैठक आयोजित करने का भी फैसला किया है।"
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद शब्बीर अली ने कहा कि अल्पसंख्यक घोषणा के माध्यम से पार्टी का इरादा अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं को लागू करने में "सत्तारूढ़ बीआरएस सरकार की विफलताओं को उजागर करना है।












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