'मंत्री बनाम अधिकारी' मुद्दे को CM पटनायक ने किया खारिज, बोले- लोगों की समस्याएं हो रही हल
ओडिशा में कथित पटनायक सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के बीच टकराव को सीएम नवीन ने इनकार किया है। उन्होंने विधानसभा में कहा है कि प्रदेश में आम जन की समस्याएं आसानी से हल हो रही है, ये इस बात का स्वयं में प्रमाण है कि कहीं कोई टकराव की स्थिति नहीं है।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने विधानसभा में सोमवार (26 सितंबर) को आम जन के मुद्दों को लेकर शासन और प्रशासन स्तर पर टकराव के कथित आरोपों खारिज कर दिया। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस सदस्यों को बयानों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए नवीन ने कहा कि ऐसा विरोध जनविरोधी है। लोग ऐसी बात करने वालों को करारा जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों को खुश होना चाहिए कि उनके क्षेत्र की भी बहुत सारी शिकायतें दूर हो गई हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से दुखी नहीं होना चाहिए क्योंकि जनता और जन प्रतिनिधि खुश हैं। सीएम ने कहा, "मेरी सरकार के लिए लोग पहले हैं, लोगों के मुद्दों को हल करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और मैं इसे सर्वोत्तम संभव तरीके से करना जारी रखूंगा।"
शासन और प्रशासन के बीच टकराव को आरोपों को लेकर सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री की शिकायत सेल को हमेशा सीएमओ द्वारा नियंत्रित किया जाता है और मंत्रियों को इसमें शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। सीएम नवीन ने कहा कि याचिकाओं के निराकरण में विभागों के प्रमुख के रूप में मंत्रियों ने बड़ी भूमिका निभाई है। यह उच्चतम स्तर का टीम वर्क है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पेशेवर तरीके से किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री का शिकायत कक्ष के अधिकारी दरवाजे तक जाकर शिकायत का समाधान करते हैं। इससे लोगों के यात्रा और वेतन हानि जैसे खर्च से बचत होती है।
वहीं मुख्यमंत्री ने लोगों तक पहुंच बनाने के लिए सीएमओ द्वारा हेलीकॉप्टर के उपयोग में किए गए अधिक खर्च के आरोप को भी भ्रामक बताया। सीएम ने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में सरकार ने हेलिकॉप्टर पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। हर महीने औसतन 1 से 1.5 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। पिछले छह महीनों का खर्च भी इसी लिमिट में था।












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