सीएम खट्टर ने 275 बेड के अस्पताल का किया उद्घाटन, कहा-55 दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित मरीजों को मिलेगी पेंशन
मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि यमुनानगर में आज उद्घाटन किए गए मुकन्द लाल जिला नागरिक अस्पताल पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आई है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को यमुनानगर में 275 बिस्तरों वाले मुकन्द लाल जिला नागरिक अस्पताल सहित 17 जिलों में 46 स्वास्थ्य संस्थानों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पोम्प रोग, डचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी व स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी इत्यादि 55 दुर्लभ बीमारियों से ग्रसित मरीजों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
इन मरीजों को 2750 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी। अभी तक सरकार की ओर से थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, कैंसर स्टेज-3 एवं 4 के मरीजों को पेंशन प्रदान की जाती है। अब 55 दुर्लभ बीमारियों को भी इस सूची में जोड़ दिया गया है और इस आर्थिक सहायता हेतू सरकार ने 25 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। सीएम ने बताया कि 55 दुर्लभ बीमारियों की सूची स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर चिन्हित करवा दी हैं, इन बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति वेबसाइट पर अपने मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ रजिस्ट्रेशन करें।
सीेेएम ने 46 स्वास्थ्य संस्थानों का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनानगर में आज उद्घाटन किए गए मुकन्द लाल जिला नागरिक अस्पताल पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आई है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की दिशा में आज का यह कदम निश्चित तौर पर अहम है। भिवानी, करनाल, फतेहाबाद, रोहतक, कैथल, फरीदाबाद, पलवल, सिरसा, पंचकूला, नूहं, चरखी दादरी, जींद, यमुनानगर, हिसार, गुरुग्राम, नारनौल और कुरुक्षेत्र में 46 स्वास्थ्य संस्थानों का उद्घाटन किया गया है। इनमें 1 जिला सिविल अस्पताल, 2 उप मंडल सिविल अस्पताल, 3 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 1 शहरी स्वास्थ्य केंद्र, 1 मातृ एवं शिशु अस्पताल, 8 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 15 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र और 15 उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
भालखी-माजरा में बनेगा एम्स
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार हर वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट को बढ़ा रही है। इतना ही नहीं, डॉक्टरों की संख्या को बढ़ाने के लिए भी सरकार कदम उठा रही है। डब्ल्यूएचओ के मानदंडों के अनुसार प्रदेश में लगभग 28 हजार डॉक्टर होने चाहिए, जबकि आज सरकारी व निजी मिलाकर 13 हजार डॉक्टर हैं। वर्ष 2014 में प्रदेश में मात्र 750 एमबीबीएस सीटें थी और हमारी सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाई और नये मेडिकल कॉलेज खोलने के परिणामस्वरूप आज एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़कर 1900 हो गई है। इसके अलावा, भालखी- माजरा में बनने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के लिए जमीन की सारी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा।












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