CM Hemant का डुमरी उपचुनाव के लिए मास्टर स्ट्रोक, जवाबी हमले में एनडीए के बड़े नेताओं की एक साथ होगी एंट्री
डुमरीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पूर्व मंत्री जगरनाथ महतो की क़ुर्बानी के कारण डुमरी विधानसभा उपचुनाव लड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी-मूलवासियों के प्रति जगरनाथ महतो को हमेशा लगाव था। वे लोगों के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। शायद ही किसी ने ऐसा नेता देखा जिन्होंने मौत के मुंह से बच कर आने के बाद भी जनता के लिए अपने आपको पूरा समर्पित कर दिया। हेमंत सोरेन रविवार को डुमरी विधानसभा क्षेत्र के नावाडीह प्रखंड के उपरघाट मैदान में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे।
हेमंत सोरेन ने कहा कि जगरनाथ महतो ने हर समाज और व्यक्ति के लिए ऐसी लम्बी लकीर खींची है कि विपक्ष में बैठे लोगों को उनके बराबर आने में सात जन्म लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभी सभी को काफी सचेत रहना है। विपक्ष के लोग अंतिम समय तक पैसे की ताकत दिखाने का काम करेंगे। लेकिन उम्मीद है कि क्षेत्र के सभी मतदाता अपने बड़े भाई जगरनाथ महतो के उस ताकतवर चेहरे को याद कर अपना वोट डालेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मंत्री जगरनाथ महतो जी झारखण्डी अस्मिता को बचाने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे। कोरोना जैसी महामारी में राज्य ने दो-दो मंत्रियों को खोया। लाख मना करने के बावजूद वो जनता की सेवा करते रहे। कहा जाता है कि इंसान का शरीर मर जाता है मगर उसका कर्म कभी नहीं मरता। जब तक झारखण्ड राज्य रहेगा, टाइगर जगरनाथ महतो का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बोकारो में जगरनाथ महतो के नाम से अस्पताल बनाया जाएगा। यहां भी डिग्री कॉलेज का नाम जगरनाथ महतो के नाम पर रखा है। वहीं डुमरी विधानसभा में नेतरहाट की तर्ज़ पर स्कूल बनेगा। उन्होंने कहा कि वंचित समाज के युवाओं को सौ प्रतिशत स्कॉलरशिप के साथ उच्च शिक्षा के लिए सरकार ने विदेश भेजने का काम कर रही है। डुमरी विधानसभा के अलारगो पंचायत से भी एक युवा को हम पढ़ने के लिए विदेश भेज रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चूल्हा प्रमुख के नाम पर विशेष रूप से महिलाओं को टार्गेट करने में यह लोग लगे हुए हैं। लिफाफे में पैसा देकर वोट खरीदने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि उपचुनाव में छापेमारी के दौरान लाखों रुपया पकड़ा गया और यह भी बताया जा रहा है कि वो पैसा विपक्षियों का था। लिफाफे में पैसा भरकर चूल्हा प्रमुखों को शायद पैसा देने के लिए यह तैयारी कर रहे हैं। कोई बात नहीं, वैसे भी पूँजीपतियों और पैसे वाले इन विपक्ष के लोगों से लड़ने का हमारा पुराना इतिहास रहा है।












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