सीएम हेमंत ने आदिवासी महिलाओं को दी सलाह, बोले- हड़िया बेचना छोड़ बच्चों को पढ़ाएं
रांची, 09 नवंबर- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हंड़िया बेचने वाली आदिवासी महिलाओं का आह्वान किया है कि वे यह धंधा बंद करें। वे छोटा-मोटा कारोबार करें। इसमें सरकार उनका सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि संताल समाज के बच्चों को बे
रांची, 09 नवंबर- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हंड़िया बेचने वाली आदिवासी महिलाओं का आह्वान किया है कि वे यह धंधा बंद करें। वे छोटा-मोटा कारोबार करें। इसमें सरकार उनका सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि संताल समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर उन्हें आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, जज व वकील बनाना होगा। मुख्यमंत्री मंगलवार को बोकारो के ललपनिया स्थित लुगू पहाड़ पर दो दिवसीय 22वें अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म महासम्मेलन के अंतिम दिन बोल रहे थे।

आदिवासी बच्चों को विदेश भेज रही सरकार
सीएम हेमंत सोरेन कहा कि आपकी सरकार अब गरीब आदिवासी, दलित, पिछड़ा व अल्पसंख्यक बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश तक भेज रही है। ऐसा करने वाला झारखंड देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संघर्षों और बलिदान के बाद झारखंड राज्य मिला है। झारखंडियों के लिए 1932 खतियान आधारित स्थानीयता नीति कैबिनेट में पास हो चुकी है, विधानसभा में भी पास हो जाएगी।
लुगूबुरु घांटाबाड़ी धोरोमगढ़ में सोमवार को संताल सरना धर्म महासम्मेलन शुरू हुआ। झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल, ओडिशा, असम समेत कई राज्यों के अलावा नेपाल, भूटान समेत अन्य देशों से भी लोग पहुंचे हैं।
लुगूबुरू में मुख्यमंत्री का हुआ भव्य स्वागत
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सपरिवार मंगलवार की दोपहर करीब तीन बजे लुगूबुरू पहाड़ पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लुगुबुरु घंटाबाड़ी धोरोमगाढ़ संताल आदिवासियों की आस्था और विश्वास का सबसे बड़ा केंद्र है। यह उनके धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है । इस पवित्र धार्मिक स्थल के समग्र विकास पर 30 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।












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